गुलज़ार के लिखे 10 गाने, जिन्हें 10 बार भी सुनो तो जी...

गुलज़ार के लिखे 10 गाने, जिन्हें 10 बार भी सुनो तो जी नहीं भरेगा

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बॉलीवुड में अगर कोई गीतकार है जिसके शब्द कानों के रास्ते सीधे आपके दिल में उतर जाते हैं तो वह और कोई नहीं गुलज़ार हैं. और सिर्फ गीतकार ही नहीं, वे निर्माता, निर्देशक, लेखक भी हैं. वे बॉलीवुड की उन हस्तियों में से एक हैं जिन्होंने हिंदी सिनेमा को इतना दिया है कि जिसे सदियों तक भुलाया नहीं जा सकेगा.

गुलज़ार साहब मुख्यतः अपने गीतों के लिए जाने जाते हैं. दिल को छू लेने वाले शब्दों में जज्बातों को पिरो को रख देने में उनका कोई सानी नहीं है. उन्हें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, पद्म भूषण, साहित्य अकादमी पुरस्कार, नेशनल फिल्म अवॉर्ड और एकेडमी अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है.

बहुत ही कम लोग जानते हैं कि गुलज़ार साहब का असली नाम सम्पूरण सिंह कालरा है. उनका जन्म पंजाब के झेलम जिले में 18 अगस्त 1934 को हुआ था. आज गुलज़ार जिस मुकाम पर हैं वह बहुत ऊँचा है लेकिन बचपन में उन्होंने बहुत दुःख देखे हैं. बचपन में ही माँ बाप को खो दिया. गुजारा चलाने के लिए गैराज में मैकेनिक की नौकरी की. खैर …

आज 18 अगस्त उनका जन्मदिन है. इस मौके पर हम आपके लिए उनके लिखे कुछ चुनिन्दा गीतों की सूची लाये हैं. यूट्यूब वीडियो की लिंक भी है. आप चाहें तो सुन सकते हैं.

#1 मैंने तेरे लिए ही (आनंद, 1971)

#2 तुझसे नाराज नहीं ज़िन्दगी (मासूम, 1983)

#3 इस मोड़ से जाते हैं (आंधी)

#4 मेरा कुछ सामान (इजाज़त)

#5 दिल ढूँढ़ता है (मौसम)

#6 दो दीवाने शहर में (घरौंदा)

#7 नाम गम जाएगा (किनारा)

#8 हज़ार राहें मुड़ के देखीं (थोड़ी सी बेवफाई)

#9 चप्पा चप्पा चरखा चले (माचिस)

#10 जिहाले मस्ती (गुलामी)


(All Videos : Youtube)

 

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