जब इंजीनियर को नहीं मिली जॉब तो … (3 चुटकुले)

जब इंजीनियर को नहीं मिली जॉब तो … (3 चुटकुले)

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Joke #1

दो लड़के थे. एक इंजीनियर बन गया और एक डॉक्टर.

इंजीनियर को जॉब नही मिली तो उसने क्लिनिक खोला और बाहर लिखा।
तीन सौ रूपये मे ईलाज करवाये ईलाज नही हुआ तो एक हजार रूपये वापिस….

एक डॉक्टर ने सोचा कि एक हजार रूपये कमाने का अच्छा मौका है वो क्लिनिक पर गया और बोला मुझे किसी भी चीज का स्वाद नही आता है।

इंजीनियर : बॉक्स नं.२२ से दवा निकालो और ३ बूँद पिलाओ नर्स ने पिला दी
मरीज(डॉक्टर) : ये तो पेट्रोल है।

इंजिनियर : मुबारक हो आपको टेस्ट महसूस हो गया लाओ तीन सौ रूपये।

डॉक्टर को गुस्सा आ गया, कुछ दिन बाद फिर वापिस गया पुराने पैसे वसूलने

मरीज(डॉक्टर) :साहब मेरी याददास्त कमजोर हो गई है
इंजिनियर : बॉक्स नं. २२ से दवा निकालो और ३ बूँद पिलाओ।

मरीज (डॉक्टर) : लेकिन वो दवा तो जुबान की टेस्ट के लिए है।
इंजिनियर : ये लो तुम्हारी याददाश्त भी वापस आ गई लाओ तीन सौ रुपए।

इस बार डॉक्टर गुस्से में गया
डॉक्टर-मेरी नजर कम हो गई है।
इंजीनियर- इसकी दवाई मेरे पास नहीं है। लो एक हजार रुपये।

डॉक्टर-यह तो पांच सौ का नोट है।
इंजीनियर- आ गई नजर। ला तीन सौ रुपये …!!!

Joke #2

एक महिला घर पर अकेली थी तभी दरवाजे पर दस्तक हुई.

उसने दरवाजा खोला तो देखा कि एक अनजान आदमी खड़ा था.
देखते ही बोला – “अरे, आप तो बहुत ही खूबसूरत हैं …!”

महिला ने घबराकर दरवाजा बंद कर दिया.

फिर इसके बाद वह आदमी रोज़ आने लगा. दरवाजे पर दस्तक देता, महिला दरवाजा खोलती और वह कहता – “आप बहुत ही खूबसूरत हैं …!”

महिला घबराकर पट से दरवाजा बंद कर लेती …

जब ऐसा 5 – 6 दिनों तक लगातार हुआ तो महिला ने यह बात अपने पति को बताई.

पति बोला – “तुम चिंता मत करो, आज मैं पूरे दिन घर पर ही रहूँगा. जब वह आए तो तुम दरवाजा खोलकर उससे पूछना कि वह चाहता क्या है ? मै दरवाजे के पीछे छुपा रहूँगा और मौका मिलते ही उसे दबोच लूँगा !!!”

जैसे ही वह आदमी आया तो पति दरवाजे के पीछे छुप गया. महिला ने दरवाजा खोला.

आदमी – “आप तो वाकई बेहद खूबसूरत हैं !”

महिला – “हाँ, मुझे पता है मै खूबसूरत हूँ, तो ? आपको क्या चाहिए ?”

आदमी – “बहनजी, यही अहसास अपने पति के अंदर जगाईए ना … ताकि वो मेरी पत्नी का पीछा करना छोड़ दें !!!”

Joke #3

एक बार एक आदमी ने गांव वालों से कहा कि वह 100 रु. में एक बंदर खरीदेगा। यह सुनकर सभी गांव वाले नजदीकी जंगल की और दौड़ पड़े और वहां से बंदर पकड़-पकड़ कर 100 रु. में उस आदमी को बेचने लगे। कुछ दिन बाद यह सिलसिला कम हो गया और लोगों की इस बात में दिलचस्पी कम हो गई।

फिर उस आदमी ने कहा कि वह एक बंदर के लिए 200 रु. देगा। यह सुनकर लोग फिर बंदर पकड़ने में लग गए,  लेकिन कुछ दिन बाद मामला फिर ठंडा हो गया। अब उस आदमी ने कहा कि  वह बंदरों के लिए 500 रु. देगा, लेकिन क्योंकि उसे शहर जाना था  उसने इस काम के लिए एक असिस्टेंट नियुक्त कर दिया।

500 रु. सुनकर गांव वाले बदहवास हो गए। लेकिन पहले ही लगभग सारे बंदर पकड़े जा चुके थे इसलिए उन्हें कोई हाथ नहीं लगा। तब उस आदमी का असिस्टेंट उनसे आकर बोला, “आप लोग चाहें तो सर के पिंजरे में से 400-400 रु. में बंदर खरीद सकते हैं। जब सर आ जाए तो 500-500 रु. में बेच दीजिएगा।’ गांव वालों को यह प्रस्ताव भा गया
और उन्होंने सारे बंदर 400-400 रु. में खरीद लिए।

अगले दिन न वहां कोई असिस्टेंट था और न ही कोई सर,  बस बंदर ही बंदर।

 

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