मात्र 5 पैसे का केस, जो चार दशकों से अदालत में चल...

मात्र 5 पैसे का केस, जो चार दशकों से अदालत में चल रहा है

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5 पैसे के सिक्के को चलन से बाहर हुए ज़माना बीत चुका है लेकिन मात्र 5 नए पैसे के लिए एक केस अदालत में पिछले चार दशकों से आज भी चल रहा है.

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मामला एक बस कंडक्टर का है जो 1973 में डीटीसी (Delhi Transport Corporation) में नौकरी किया करता था. उस पर आरोप लगा कि उसकी वजह से डीटीसी को 5 पैसे का घाटा हुआ है. एक महिला यात्री से उसने 15 पैसे की दूरी के लिए मात्र 10 पैसे ही लिए. विभागीय जांच हुई और उसे दोषी करार देते हुए 1976 में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया.

अब शुरू हुई अदालती लड़ाई. कंडक्टर ने अपनी नौकरी वापस लेने के लिए अदालत में अर्जी लगाईं. 1990 मे लेबर कोर्ट से जीत भी गया.

पर अदालती चक्कर ख़त्म नहीं हुआ. डीटीसी ने ऊंची अदालत में अपील कर दी. और फिर तारीख पे तारीख …

अंततः हाईकोर्ट ने इस साल जनवरी में डीटीसी की याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने डीटीसी को कंडक्टर को 30,000 रुपए, 1.28 लाख रुपए ग्रेज्युटी और 1.37 लाख रुपए सीपीएफ के तौर पर भुगतान करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीटीसी से यह भी पूछा कि 5 पैसे के लिए अब तक कितने लाख रुपए खर्च किए.

हालांकि कंडक्टर को अब पूरा न्याय तो कभी नहीं मिल सकता क्योंकि जिस नौकरी को पाने के लिए वह चालीस सालों से लड़ रहा था, उसके लिए उसकी उम्र बीत चुकी है.

खैर जो मिल जाए वही सही, पर मिले तो सही ….

(Source)

 

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