Home Hindi Jokes ऐसा कौनसा काम करते हो ? (Hindi Chutkula)

ऐसा कौनसा काम करते हो ? (Hindi Chutkula)

0

एक आदमी रोज़ बैंक जाया करता था, कभी 1 लाख तो कभी 2 लाख, ऐसी बड़ी-बड़ी रकम जमा किया करता था।

बैंक का मैनेजर उसे हमेशा संशय की दृष्टि से देखता था। उसे समझ नहीं आता था कि यह व्यक्ति रोज़ इतना पैसा कहाँ से लाता है।

आखिर  एक दिन उसने उस व्यक्ति को बुलाया और कहा, “यार बिहारीलाल तुम रोज़ इतना पैसा कहाँ से लाते हो, आखिर क्या काम करते हो तुम?”

बिहारीलाल ने कहा “भाई मेरा तो बस एक ही काम है, मैं शर्त लगाता हूँ और जीतता हूँ”

मैनेजर को यक़ीन नहीं हुआ तो उसने कहा, “ऐसा कैसे हो सकता है कि आदमी रोज़ कोई शर्त जीते?”

बिहारीलाल ने कहा, “चलिए मैं आपके साथ एक शर्त लगाता हूँ कि आपके नितंब पर एक फोड़ा है, अब शर्त यह है कि कल सुबह मैं अपने साथ दो आदमियों को लाऊँगा और आपको अपनी पैंट उतार कर उन्हें अपने कूल्हे दिखाने होंगे, यदि आपके नितंब पर फोड़ा होगा तो आप मुझे 1 लाख दे दीजिएगा, और अगर नहीं हुआ तो मैं आपको 5 लाख दे दूँगा, बताइए मंज़ूर है?”

मैनेजर के कूल्हे  पर कोई फोड़ा था ही नहीं, इसलिए वह फ़ौरन तैयार हो गया।

अगली सुबह बिहारीलाल दो व्यक्तियों के साथ बैंक आया। उन्हें देखते ही मैनेजर की बाँछें खिल गईं और वह उन्हें झटपट अपने केबिन में ले आया। इसके बाद मैनेजर ने उनके सामने अपनी पैंट उतार दी और बिहारीलाल से कहा “देखो मेरे कूल्हों पर कोई फोड़ा नहीं है, तुम शर्त हार गए अब निकालो 10 लाख रुपए”

बिहारीलाल के साथ आए दोनों व्यक्ति यह दृश्य देख बेहोश हो चुके थे। बिहारीलाल ने हँसते हुए मैनेजर को 1 लाख रुपयों से भरा बैग थमा दिया और ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगा।

मैनेजर को कुछ समझ नहीं आया तो उसने पूछा. “तुम तो शर्त हार गए फिर क्यों इतना हँसे जा रहे हो?”

बिहारीलाल ने कहा, “तुम्हें पता है, ये दोनों आदमी इसलिए बेहोश हो गए क्योंकि मैंने इनसे 5 लाख रूपयों की शर्त लगाई थी कि बैंक का मैनेजर तुम्हारे सामने पैंट उतारेगा, इसलिए अगर मैंने तुम्हें 1 लाख दे भी दिए तो क्या फ़र्क पड़ता है, 4 तो फिर भी बचे न…!”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here