Home News यादें : अटलजी के जीवन के कुछ अनसुने किस्से

यादें : अटलजी के जीवन के कुछ अनसुने किस्से

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पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी का 16 अगस्त की शाम दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया. वे 93 वर्ष के थे और लम्बे समय से अस्वस्थ थे. भारत की राजनीति में ‘अजातशत्रु’ के नाम से पहचाने जाने वाले अटल जी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है. वे एक ऐसे नेता थे जिनका सम्मान उनके धुर विरोधी भी करते थे.

दुःख की इस घडी में आइये टटोलते हैं उनके जीवन की कुछ अनसुनी स्मृतियों को –

खीर मालपुए के शौक़ीन थे अटल जी

मीठा खाना अटल जी को बहुत पसंद था. उन्हें ख़ास तौर पर रबड़ी, खीर और मालपुए बहुत पसंद थे. मथुरा के पेडे वे अक्सर मंगवाया करते थे. लेकिन अटलजी केवल खुद ही खाने-पीने के शौक़ीन नहीं थे, बल्कि उन्हें दूसरों को खिलाना पिलाने का भी बहुत शौक थे. कहते हैं जब वे प्रधानमंत्री थे तो मिलने आने वाले लोगों के लिए रसगुल्ले और समोसे सर्व करवाया करते थे.

उन्हें खाना बनाना भी आता था और कभी कभी वे खुद भी किचन में जाकर खाना बनाने लगते थे.

बेजोड़ वक्ता और हाजिरजवाब थे अटल जी

अटल जी जैसा वक्तृत्व क्षमता का धनी नेता आजाद भारत में कोई दूसरा हुआ हो नजर नहीं आता. उनके भाषण को विरोधी भी शांत होकर सुना करते थे. इसके अलावा वे हाजिरजवाब भी थे और तीखी टिप्पणी करते थे कि सामने वाला बस सुनकर रह जाता था. एक बार पाकिस्तान के विदेशमंत्री ने कहा कि कश्मीर के बिना पाकिस्तान अधूरा है. इस पर बाजपेयी ने कहा, “पाकिस्तान के बिना भारत भी अधूरा है”.

इसी तरह एक बार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष अनंतशायनम अयंगर  ने कहा कि अंग्रेजी में हीरेन मुखर्जी और हिंदी में अटल बिहारी वाजपेयी से अच्छा वक्ता कोई नहीं है. जब वाजपेयी जी के एक दोस्त ने उन्हें यह बात बताई तो वाजपेयी जोर से हँसे और बोले – “तो फिर बोलने क्यों नहीं देते ?”

चुनाव हारने के बाद फिल्म देखने चले गए

एक बार अटल जी और अडवानी जी चुनाव हार गए और दुखी मन से बैठे हुए थे. तभी अचानक अटलजी बोले कि चलो फिल्म देखने चलते हैं. इसके बाद दोनों ने दिल्ली के इम्पीरियल सिनेमा में ‘फिर सुबह होगी’ फिल्म देखी.

स्कूटर पर बैठकर भाषण देने पहुंचे अटल जी

जनसंघ के दिनों की बात है, अटलजी एक सभा को संबोधित करने जा रहे थे. रास्ते में उनकी कार खराब हो गई. अटलजी कार छोड़कर ऑटो रिक्शा रोकने की कोशिश करने लगे. तभी वहाँ से उस समय के मशहूर पत्रकार एचके दुआ अपनी स्कूटर से गुजरे. वे उसी सम्मलेन को कवर करने जा रहे थे जहां अटलजी का भाषण होने वाला था.

एचके दुआ ने स्कूटर रोककर अटल जी से ऑटोरिक्शा रोकने का कारण पूछा तो अटलजी ने बताया कि उनकी कार खराब हो गई है. दुआ ने कहा कि वे चाहें तो उनकी स्कूटर पर बैठकर चल सकते हैं क्योंकि वे भी वहीं जा रहे हैं. सरल स्वभाव के अटल जी फ़ौरन स्कूटर पर सवार हो गए और सभा स्थल पहुंचे.

अटल जी से जुड़े ऐसे अनेक किस्से हैं जिन्हें सुना कर लोग उन्हें आज याद कर रहे हैं. भारत के इस महान नेता को हमारी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि. ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.

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