बेंगलुरु में इस ट्रैफिक पुलिसवाले ने रोका राष्ट्रपति का काफिला, वजह सैल्यूट...

बेंगलुरु में इस ट्रैफिक पुलिसवाले ने रोका राष्ट्रपति का काफिला, वजह सैल्यूट करने लायक है

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पुलिस के प्रति आपकी धारणा कैसी भी हो, लेकिन एक पुलिसवाले की ड्यूटी कभी आसान नहीं होती. भारत जैसे देश में जहां वीआईपी कल्चर हमेशा ही प्रशासन पर भारी दिखाई देता है, वहाँ पुलिस की मुश्किलें और भी ज्यादा होती हैं. रोजमर्रा की ड्यूटी में अक्सर पुलिसवाले अपने आपको ऐसी स्थिति  पाते हैं जब एक तरफ कर्त्तव्य होता हो तो दूसरे तरफ दवाब.
लेकिन बेंगलुरु के इस पुलिसवाले के सामने जब ऐसी स्थिति आई तो उसने कर्त्तव्य पथ का अनुसरण किया और इसके लिए न सिर्फ पुरस्कृत हुआ बल्कि सोशल मीडिया पर हीरो भी बन गया.
भारत के महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शनिवार को बेंगलुरु में थे. वे वहां ग्रीन लाइन मेट्रो का उद्घाटन करने गए थे. उद्घाटन के बाद जब वे राजभवन की ओर लौट रहे थे तब उनका काफिला ट्रिनिटी सर्किल से होकर गुजरने वाला था. यहाँ ट्रैफिक पुलिस के सब-इंस्पेक्टर एमएल निजलिंगप्पा ड्यूटी पर थे और ट्रैफिक कण्ट्रोल कर रहे थे.
जिस समय राष्ट्रपति का काफिला सामने से आ ही रहा था कि तभी निजलिंगप्पा ने देखा कि दूसरी ओर से एक एम्बुलेंस निकलना चाह रही है. निजलिंगप्पा कुछ पलों के लिए सोच में पड़े. भारत के राष्ट्रपति के काफिले को हाथ दिखाकर रोकना मामूली बात नहीं थी. उधर मानवीय आधार पर एम्बुलेंस का निकलना भी जरूरी था. यदि राष्ट्रपति के काफिले को पहले जाने देते हैं तो वह काफी लम्बा है और एम्बुलेंस को देर हो सकती है.
फिर उन्होंने निर्णय ले लिया. उन्होंने हाथ दिखाकर राष्ट्रपति के काफिले को रोक दिया और एम्बुलेंस को पहले जाने दिया. साहस भरे निर्णय का यही वो पल था जिसने उन्हें हीरो बना दिया.
पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को जब इस घटना के बारे में पता चला तो  उन्होंने न केवल निजलिंगप्पा के प्रजेंस ऑफ़ माइंड के लिए शाबासी दी, बल्कि उन्हें सम्मानित करने का भी निर्णय ले लिया.

उधर सोशल मीडिया पर जब ये वाकया वायरल हुआ तो देश भर से लोगों ने निजलिंगप्पा की तारीफों के पुल बाँध दिए हैं. उनके जैसे पुलिसवालों की इस देश को बहुत जरूरत है.

(News : IndianExpress)

 

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