चतुर लकड़हारा (Funny Story in Hindi)

चतुर लकड़हारा (Funny Story in Hindi)

0
SHARE
एक लकडहारा, जो जंगल में एक ठेकेदार के यहाँ लकडियाँ काटने की मजदूरी किया करता था, पूरे एक सप्ताह बाद अपनी मजदूरी के पैसे लेकर कंधे पर कुल्हाड़ी टिकाये हुए गाता-गुनगुनाता अपने गाँव की ओर चला जा रहा था.
अभी वह आधे रास्ते ही पहुंचा था कि तभी एक सुनसान जगह पर एक पिस्तौल धारी लुटेरे ने उसे रोक लिया.
पिस्तौल लकडहारे की ओर तान कर लुटेरा बोला – “तेरे पास जो कुछ भी है उसे चुपचाप मेरे हवाले कर दे वरना गोली मार दूंगा …”
पिस्तौल के सामने मजबूर लकडहारे ने चुपचाप कुरते की जेब में रखे मजदूरी के पैसे लुटेरे के हवाले कर दिए. लुटेरे ने पैसे लेकर जब उसे जाने का इशारा किया तो लकडहारा बोला – “भाई, मेरे ऊपर एक एहसान कर दो … मेरी टोपी में एक गोली मार कर उसमें एक सूराख कर दो !”
लुटेरा – “क्यों ?”
लकडहारा -“क्योंकि इससे मेरी पत्नी विश्वास कर लेगी कि मेरे साथ सचमुच लूट हो गई है वरना वो समझेगी कि मैं सारे पैसे जुए और शराब में खर्च कर आया हूँ…. !”
लुटेरा भी शादीशुदा आदमी था, लकडहारे की समस्या समझ गया. उसने उसकी टोपी ली और उसमें एक की जगह दो गोली मार कर दो सूराख कर दिए.
लुटेरा – “अब तो ठीक है … चल अब निकल ले यहाँ से … !!”
लकडहारा चलने को हुआ लेकिन फिर रुक गया और बोला – “नहीं भाई, मुझे लगता है इस पर वो विश्वास नहीं करेगी क्योंकि वो कहेगी कि गोलियां सिर्फ टोपी पर ही क्यों लगीं और कहीं क्यों नहीं … वो बिलकुल यकीन नहीं करेगी !!”
लुटेरा – “तो अब क्या करूँ …?”
लकडहारा – “कुछ ऐसा करो कि जिससे उसे लगे कि मैं बड़ी मुश्किल से जान बचाकर आया हूँ … मैं अपना कुरता उतार कर आपको देता हूँ … आप इसमें चार-छह सूराख और कर दीजिये … फिर वह मान लेगी कि मेरे साथ सचमुच लूट हो गई है !”
लुटेरा – “ठीक है, चल उतार कुरता …”
लकडहारे ने कुरता उतार कर लुटेरे को दिया. उसने उसमें गोलियां मार-मार कर पांच – छह सूराख बना दिए और बोला – “ठीक है … अब फ़टाफ़ट यहाँ से निकल ले …!”
लकडहारा फिर चलने को हुआ, फिर रुका और बोला – “भाई एक अहसान और कर दो …एक गोली मेरे हाथ से छूती हुई और मार दो  जिससे थोडा खून निकल आये वरना मेरी शक्की पत्नी कहेगी कि इतनी गोलियां चलीं और मुझे तो एक भी नहीं लगी !”
लुटेरा बोला – “अब कुछ नहीं कर सकता … मेरी सारी गोलियां ख़तम हो गईं …. चल अब फूट ले !”
लकडहारा – “देख लो भाई, शायद एकाध जेब में पड़ी हो … आपका बड़ा एहसान होगा ?”
लुटेरा – “अबे सच बोल रहा हूँ … मेरे पास एक भी गोली नहीं बची है !”
लकडहारा मुस्कुराया, उसने अपनी कुल्हाड़ी कंधे से उतारी, लुटेरे की गर्दन पर टिकाई और बोला – “यही तो मैं चाहता था !… अब चुपचाप मेरे पैसे निकाल कर मुझे दे दे और जो कुछ तेरे पास है वो भी निकाल ले …. वर्ना गर्दन धड़ से अलग कर दूँगा !!!”

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY