1504 का वह चन्द्रग्रहण, जिसने कोलम्बस और उसके साथियों की जान बचाई...

1504 का वह चन्द्रग्रहण, जिसने कोलम्बस और उसके साथियों की जान बचाई थी

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आज Blue Moon है और यकीनन आपने भी उसका नजारा कर ही लिया होगा. अब इससे जुडी एक रोचक ऐतिहासिक घटना पढ़िये. कोलम्बस का नाम तो सुना ही होगा … अरे वही जिसके बारे में हमें स्कूल में पढ़ाया जाता है कि उसने अमेरिका की खोज की थी. उसी की कहानी है ये.

हुआ ये कि जनाब क्रिस्टोफर कोलम्बस अपने जहाज पर अपना पूरा लावलश्कर लेकर अमेरिका की चौथी यात्रा के लिए निकले. ये बात है जून 1503 की. इससे पहले कि वे अमेरिका पहुँचते, उनके जहाज में कुछ गंभीर समस्या हो गई और उन्हें मजबूरन बीच में एक कैरेबियाई द्वीप, जिसे आज हम जमैका के नाम से जानते हैं, पर उतरना पड़ा.

वहाँ के स्थानीय निवासी भले लोग थे. उन्होंने इन परदेशियों की जितनी हो सकती थी, उतनी सेवा की. खिलाने पिलाने का इंतजाम किया. पर कोलम्बस के जहाज की खराबी दूर होने का नाम नहीं ले रही थी. धीरे धीरे 6 महीने बीत गए और इतना समय कितने भी भले मेजबान के लिए आजिज आने के लिए पर्याप्त से ज्यादा ही होता है.

आखिरकार एक दिन वहाँ के स्थानीय निवासियों के कबीले के सरदार ने खिलाने पिलाने से साफ़ मना कर दिया. अब तो कोलम्बस के सामने समस्या हो गई. उनसे साथी नाविक स्थानीय निवासियों से झगड़ पड़े. भूखे और करते भी क्या ? अब कोलम्बस ने सोचना शुरू किया कि क्या किया जाए ?

अचानक उसे ध्यान आया कि ये स्थानीय निवासी निरे सीधे सादे हैं और इन्हें देश दुनिया का ज़रा भी ज्ञान नहीं है. उसका दिमाग सोचने लगा कि कैसे इन्हें मूर्ख बनाया जाए ताकि ये हमारी सेवा करते रहें. और उसने तरीका सोच लिया.

उसके पास उस समय के एक मशहूर गणितज्ञ और खगोलशास्त्री द्वारा बनाया कैलेंडर था. उससे उसे पता चला कि तीन दिन बाद, यानी 29 फरवरी 1504 को पूर्ण चंद्रग्रहण है. उसने फ़ौरन अपने एक नाविक को भेजकर कबीले के सरदार को बुलाया और उससे कहा कि तुमने हमें खाना पीना देना बंद कर दिया है इससे ईश्वर (God) बहुत नाराज हैं. मेरी उनसे बात हुई है और इसका नतीजा तुम्हें तीन दिन बाद देखने को मिलेगा. वे चाँद को गायब कर देंगे और उसके जिम्मेदार तुम होगे.

उस समय तो कबीले का सरदार चला गया. लेकिन कोलम्बस ने डर तो बिठा ही दिया था. तीन दिन बाद जब चन्द्रग्रहण का समय आया तो पूरा कबीला आसमान की ओर टकटकी लगा कर देख रहा था. जैसे ही ब्लड मून चंद्रग्रहण शुरू हुआ, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्हें विश्वास हो गया कि कोलम्बस ने सच कहा था. गॉड सचमुच नाराज हैं.

तुरंत ही पूरा कबीला दौड़ा दौड़ा आया और कोलम्बस से God के कहर से बचाने की विनती करने लगा. कोलम्बस की चाल काम कर गई थी. सरदार से बोला कि वैसे तो तुम लोगों ने ठीक नहीं किया है, फिर भी मैं तुम पर तरस खाकर गॉड से बात करके देखता हूँ.

वह कुछ देर के लिए एकांत में जाकर बैठ गया और फिर जैसे चन्द्रग्रहण समाप्त होने का समय आया बाहर आकर बोला कि मैंने गॉड को मना लिया है. लेकिन ध्यान रहे दुबारा ऐसी गलती न हो वरना मैं फिर तुम्हारी शिकायत उनसे कर दूंगा और फिर तुम्हें कोई नहीं बचा पायेगा.

तब तक चंद्रग्रहण समाप्त हो चुका था और चाँद सामान्य अवस्था में पूरा चमकने लगा. जमैका के स्थानीय निवासी कोलम्बस की जय जयकार करते हुए वहाँ से चले गए और अगले 6 महीनों तक सेवा में लगे रहे जब तक कि एक दूसरा जहाज मदद लेकर वहाँ नहीं आ गया.

(Source : QZ)

 

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