9 साल से बिना खाना खाए खुशहाल जीवन जी रहा है यह...

9 साल से बिना खाना खाए खुशहाल जीवन जी रहा है यह कपल

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कुछ ही वर्ष पहले गुजरात के एक बाबा जी जिनका नाम अगर मुझे ठीक ठीक याद है तो प्रह्लाद जानी था. इन बाबाजी के बारे में कहा जाता था कि इन्होने कई वर्षों से भोजन पानी कुछ भी ग्रहण नहीं किया है. अहमदाबाद में एक बार इन्हें कई दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में भी रखा गया और आखिर में डॉक्टरों की भी समझ में नहीं आया कि ये बाबा जी आखिर बिना कुछ खाए पिए जिन्दा हैं तो हैं कैसे ?
हाल ही में केलिफोर्निया के एक दंपत्ति का मामला प्रकाश में आया है. इन्होने भी दावा किया है कि इन्होने विगत 9 वर्षों से भोजन ग्रहण नहीं किया है. बावजूद इसके दोनों ही भोजन लेने वाले लोगों की अपेक्षा अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करते हैं.

Akahi Ricardo और Camila Castello नाम के इन पति पत्नी का मानना है कि मनुष्य को जीने के लिए भोजन और पानी बिलकुल भी जरूरी नहीं है. मनुष्य सिर्फ ब्रह्माण्ड में व्याप्त ऊर्जा के सहारे ही जिंदा रह सकता है. और वे ये साबित करके भी दिखा रहे हैं.

Camila और Akahi ने 2008 में खाना छोड़ा था. शुरू के तीन वर्षों तक तो दोनों ने कुछ भी नहीं खाया. फिर कभीकभार फल या सब्जी का एक टुकड़ा लेना शुरू किया. हफ्ते दो या तीन बार अधिकतम. वह भी इसलिए क्योंकि कभी कभी ऐसी सामाजिक परिस्थिति में फंस जाते हैं जहां कुछ न कुछ खाना ही पड़ता है या फिर कभी कभी किसी फल को चखने की खुद की ही इच्छा हो जाती है.

इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं. एक पांच साल का बेटा और दो साल की बेटी. गर्भावस्था में अक्सर डॉक्टर महिला को विशेष खुराक लेने की सलाह देते हैं ताकि उसे और गर्भ में पल रहे शिशु को कोई समस्या न हो. आपको जानकर हैरानी होगी कि कैमिला के पेट में जब पहला बच्चा आया तो उन्होंने पूरे गर्भावस्था पीरियड में कुछ भी नहीं खाया. आश्चर्यजनक रूप से उन्होंने पूर्णतः स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया.

2008 में जब इन दोनों ने शादी की थी तभी तय कर लिया था कि वे Food free lifestyle अपनाएंगे और उन्होंने ऐसा करके दिखाया भी. अब चूंकि खाने का खर्चा तो उनका कुछ है नहीं, तो उस बचे हुए पैसे से दोनों दुनिया की सैर करते रहते हैं.
Akahi के अनुसार पहले वे बहुत खाते थे. फिर एक उनके एक मित्र ने उन्हें हवा के सहारे जिंदा रहने यानी कि Breatharianism के बारे में बताया. इसके लिए पहले तो वे शाकाहारी बने फिर खाना छोड़ने यानी कि Breatharian Process के पहले कुछ दिनों तक सिर्फ फलों का सेवन किया. फिर 21 दिन के लिए Breatharian Process शुरू हुआ जिसमें कि खाना बिलकुल बंद कर दिया और सिर्फ पानी और फलों के रस के सहारे जिन्दा रहे.

21 दिनों के बाद उन्हें अहसास हुआ कि उन्हे भूख का अहसास होना बंद हो गया है और उन्हें सांस लेने से ही भरपूर ऊर्जा मिल रही है.
फिलहाल दोनों पति पत्नी जो कि क्रमश: 36 व 34 साल के हैं, Breatharianism, यानी कि हवा के सहारे जिंदा रहने की तकनीक का कोर्स चलाते हैं और अन्य लोगों को भी food free lifestyle अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं और सिखाते हैं.

वैसे देखा जाए तो दुनिया में सारा टंटा इस पापी पेट का ही है. अगर इनकी इस फिलोसोफी में सचमुच कुछ दम है तो इसका प्रसार जल्दी जल्दी होना चाहिए. दुनिया के ज्यादातर झगडे झांसे अपने आप ख़त्म हो जायेंगे.

(Source : thesun)

 

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