सोलहवीं सदी में फैली थी एक अजीबोगरीब बीमारी, जिसमें लोग नाचते-नाचते मर...

सोलहवीं सदी में फैली थी एक अजीबोगरीब बीमारी, जिसमें लोग नाचते-नाचते मर जाते थे

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इतिहास में ऐसी अनेकानेक घटनाएं घटित हुई हैं जिनका रहस्य आज तक किसी को समझ नहीं आया. ऐसी ही एक घटना सोलहवीं सदी में हुई थी जब एक रहस्यमय बीमारी ने करीब चार सौ लोगों की जान ले ली थी. इस बीमारी में लोग नाचते-नाचते मर जाते थे.

सन 1518 के जुलाई महीने में रोमन शहर स्ट्रासबर्ग, जो कि रोमन साम्राज्य का हिस्सा था, के 400 लोगों ने अचानक नाचना शुरू कर दिया और करीब एक महीने तक लगातार नाचते ही रहे. दूसरे लोगों ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिशें कीं मगर असफल रहे.

घटना की शुरुआत तब हुई जब स्ट्रासबर्ग की ही रहने वाली ट्रोफिया नाम की एक महिला ने गली में आकर अचानक नाचना शुरू कर दिया. महिला करीब छह दिनों तक लगातार रात-दिन नाचती ही रही.

एक हफ्ते के अन्दर-अन्दर लगभग 34 लोग और ट्रोफिया के साथ आकर नाचने लगे और महीना पूरा होते-होते यह संख्या 400 तक पहुँच गई. इन नाचने वालों में ज्यादा संख्या महिलाओं की थी.

शहर के लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ये लोग नाच क्यों रहे हैं. नाचने वालों को रोकने की बहुत कोशिशें की गईं मगर सभी व्यर्थ रहीं और किसी ने भी नाचना बंद नहीं किया. इन लोगों में से ज्यादातर थकान, दिल का दौरा या धमनियों के फट जाने से मारे गए.

स्थिति इतनी भयावह थी कि करीब 15 लोग रोजाना मृत्यु को प्राप्त हो रहे थे और किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. करीब एक महीने तक स्ट्रासबर्ग की गलियों में तांडव मचाकर 400 लोगों की जान लेने वाली यह बीमारी आज भी लोगों के लिए रहस्य बनी हुई है. एक महामारी की तरह फैलने के कारण इसे ‘डांसिंग प्लेग’ का नाम दिया गया था.


(Story Source : Wikipedia)

 

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