अपनी पॉटी बेचकर सालाना साढ़े 8 लाख कमा रहे हैं लोग

अपनी पॉटी बेचकर सालाना साढ़े 8 लाख कमा रहे हैं लोग

0
SHARE

गाय भैंस का गोबर उपयोगी होता है ये तो सुना था. हाथी की लीद भी कॉफ़ी उत्पादन में काम आती है, ये भी सुना था पर मनुष्य का मल किसी काम आता हो, ये बिलकुल नहीं सुना था. दुनिया में शायद सबसे व्यर्थ चीज़ यही है जिसे इंसान एक बार त्यागने के बाद देखना तक पसंद नहीं करता. पर भैया, ये भी काम की चीज़ निकल पड़ी, और बहुत ही काम की.

आपको शायद विश्वास नहीं होगा पर ऑस्ट्रेलिया के सेंटर फॉर डाईजेस्टिव डिसीजेज में लोग अपना मल दान करके सालाना 13 हजार डॉलर तक की कमाई कर रहे हैं. प्रत्येक डिलीवरी के लिए उन्हें 50 डॉलर तक का पेमेंट किया जा रहा है.

झटका लगा न ? हमको भी लगा था जब हमने ये खबर पढ़ी. पर यकीन मानिए ऑस्ट्रेलिया का ये सेण्टर मानव मल को खाद बनाने के लिए नहीं ले रहा है. दरअसल इस सेण्टर में मानव मल की इतनी डिमांड इसके चिकित्सीय इस्तेमाल की वजह से है. खासतौर पर इसका इस्तेमाल फेकल मायक्रोबायोटा ट्रांसप्लांट (FMT) में होता है. इस ट्रांसप्लांट में डोनर के मल को दवाइयों के साथ मिलाकर मरीज में डाला जाता है. ‘पूप ट्रांसप्लांट’ ऑटिजम से लेकर क्रॉनिक डायरिया तक के इलाज में भी मदद करता है.

गज़ब तो ये है कि इसके लिए डोनर्स की कमी पड़ रही है तभी सेंटर के लोगों ने मल दानदाताओं के लिए इंसेंटिव देने पर विचार किया. द डेली टेलीग्राफ को दिए गए एक इंटरव्यू में इस सेंटर के एक प्रोफेसर ने बताया रोजाना के 10 के औसत से अब तक करीब 12 हजार FMT कर चुके हैं.

और हाँ, हर किसी का मल नहीं लेते यहाँ. व्यक्ति को पूर्णतः स्वस्थ होना चाहिए, खानपान संतुलित होना चाहिए और उसका BMI (Body Mass Index) भी सही होना चाहिए. ऐसेई थोड़ेई मिल जायेंगे 50 डॉलर !

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY