फ़िराक़ गोरखपुरी के 20 चुनिंदा शेर, जो आपके दिल को छू जायेंगे

फ़िराक़ गोरखपुरी के 20 चुनिंदा शेर, जो आपके दिल को छू जायेंगे

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आधुनिक उर्दू ग़ज़ल के लिए राह बनाने वालों में अग्रणी शायर फ़िराक गोरखपुरी का असली नाम रघुपति सहाय था. उनका जन्म 28 अगस्त 1896 को गोरखपुर में हुआ था. फ़िराक अपने समय के एक जानेमाने लेखक, आलोचक और शायर थे.

कुछ समय उन्होंने सरकारी नौकरी की लेकिन फिर नौकरी छोड़कर महात्मा गाँधी के आन्दोलन में कूद पड़े. उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. इसके बाद में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के प्रोफेसर हो गए. फ़िराक को साहित्य में उनके अपूर्व योगदान के लिए साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरुस्कार से भी नवाजा गया.

3 मार्च 1982 को फ़िराक इस दुनिया को अलविदा कह गए परन्तु उनकी शायरी लोगों के जेहन में हमेशा अमर रहेगी. पढ़िये उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चुनिंदा 20 शेर …..

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