अखबार

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अखबार उस समय ज्यादा रोचक लगता है जब आपके साथ  बैठा व्यक्ति उसे पढ़ रहा हो.

 

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  1. हंसने में मूर्ख समझ लिए जाने का खतरा है.रोयें तो भावुक मान लिए जाने का खतरा है.उंगली थमा दें तो हाथ जकड़े जाने का खतरा है.अपनी बात रखें तो चुप कराये जाने का खतरा है. sach mein bahut khatre hai jewan mein . lekin karhton datkar mukabala karne wala hi udaharan pesh par paata hai Prerak lekh aur uktiyon ke liye bahat dhanyavaad .

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