Home प्रेरक कहानियाँ (Motivational Stories) पहुंचा हुआ महात्मा (Funny Story)

पहुंचा हुआ महात्मा (Funny Story)

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एक फ़कीर बियाबान रेगिस्तान में बनी एक कब्र के पास रहता था. दूर दूर से लोग उस कब्र के पास मन्नत मांगने आते और चढ़ावा चढाते.

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एक गरीब बंजारा भी नियमित रूप से उस कब्र पर जाता और अपनी गरीबी दूर होने की दुआ मांगता.

एक दिन फ़कीर को उस बंजारे पर दया आ गई और उन्होंने अपना गधा उसे दे दिया. गधा पाकर बंजारा बहुत प्रसन्न हुआ.

वह गधे पर सामान लादकर दूर दूर गाँवों में जाता और बेचकर पैसा कमाने लगा. उसकी गरीबी कुछ-कुछ दूर होने लगी.

सब बढ़िया चल रहा था कि अचानक एक दिन गधा बीमार पड़ा और मर गया. बंजारा गधे की मौत से बहुत दुखी हुआ. उसने रेगिस्तान में ही उसकी एक कब्र बनाई और दफना दिया.

बंजारा रोज गधे की कब्र पर जाता, फूल चढ़ाता और घंटों बैठकर रोता रहता क्योंकि उसके रोजगार का साधन छिन गया था.

एक दिन कुछ लोग उस गधे की कब्र के पास से गुजरे और उन्होंने बंजारे को उस पर फूल चढाते देख लिया. उन्होंने समझा कि जरूर यह किसी महात्मा की कब्र है.

उन लोगों ने भी रुक कर गधे की कब्र पर माथा टेका और कुछ रुपये भी चढ़ा दिए. बंजारे को यह देखकर हँसी आई पर वह कुछ बोला नहीं. लोगों के जाते ही उसने रुपये अपनी जेब में रखे और सोचने लगा कि यह धंधा भी कुछ बुरा नहीं !

अगले दिन से वह रोज फकीरों का वेश बना कर नियमित रूप से कब्र के पास फूल चढ़ा कर बैठने लगा और धीरे-धीरे उस कब्र पर लोगों का आना जाना बढ़ने लगा. आसपास के गाँव वालों ने चंदा करके कब्र के आसपास निर्माण कार्य भी करवा दिया. उसका धंधा अच्छा चलने लगा था.

एक दिन वही फकीर जिसने उस बंजारे को गधा भेंट किया था, उसके गाँव में आया. गांववालों ने फ़कीर से कहा – “पास ही में एक बहुत ही पहुंचे हुए महात्मा की कब्र है. हमारे गाँव से जो भी गुजरता है वहाँ एक बार अवश्य जाता है. तुम भी जरूर जाना !”

उत्सुकतावश फ़कीर वहाँ पहुंचा, तो बंजारे को वहाँ बैठा पाया. फ़कीर ने पूछा – “किसकी कब्र है यहाँ, और तू यहाँ क्यों बैठा हुआ है ?”

बंजारे ने कहां, “अब आप से क्‍या छिपाना, जो गधा आप ने दिया था उसी की कब्र है. जीते जी भी उसने बड़ा साथ दिया और मर कर और ज्‍यादा साथ दे रहा है.”

इतना सुनते ही फ़कीर खिलखिला कर हँसने लगा. बंजारे ने पूछा – “आप हँस क्यूँ रहे हैं ?”

फकीर ने कहां – “तुम्‍हें पता है जिस गांव में मैं रहता हूं वहां भी एक पहुंचे हुए महात्‍मा की कब्र है. उसी से तो मेरा काम चलता है!”

बंजारे ने पूछा – “वह किस महात्‍मा की कब्र है ?”

फकीर ने जवाब दिया- “इसी गधे की मां की !!!”

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