थाईलैंड में 10 दिन से जिंदा सिर कटे मुर्गे को बौद्ध भिक्षुओं...

थाईलैंड में 10 दिन से जिंदा सिर कटे मुर्गे को बौद्ध भिक्षुओं ने गोद ले लिया है

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इन्टरनेट वैसे तो अफवाहें फैलाने का आसान जरिया बना हुआ है लेकिन कभी कभी कुछ ख़बरें जो अफवाह जैसी लगती हैं सच निकल पड़ती हैं. ‘गुस्ताखी माफ़’ पर हमारी कोशिश रहती है कि भरसक आपको कोई ऐसी खबर न दिखाई जाए जिसका कोई सिर पैर न हो. इसीलिए हमने अब तक इन्टरनेट पर खूब चलने के बाद भी इस खबर को आप को नहीं दिखाया था. परन्तु अब इसका एक वीडियो आया है जो बताता है कि ये महज अफवाह नहीं है.

थाईलैंड के एक मुर्गे ने इन दिनों पूरे इन्टरनेट पर सनसनी मचा रखी है. ये मुर्गा 10 दिन पहले सर कटने के बाद भी आज तक जिंदा है. एक सप्ताह से अधिक समय तक जिंदा बने रहने के बाद अब इस मुर्गे को बौद्ध भिक्षुओं द्वारा गोद ले लिया गया है जो इसकी देखभाल कर रहे हैं.

ये मुर्गा सेंट्रल थाईलैंड के Ratchaburi प्रांत का है. किसी को नहीं मालूम कि इसका सिर आखिर कटा कैसे ? अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस पर किसी जानवर ने हमला किया. जब सोशल मीडिया के जरिये इसकी तस्वीरें फैलीं तो लोगों ने इसे महज अफवाह समझा परन्तु बाद में पता चला कि घटना अफवाह नहीं है.

मुर्गा एक वेटरनरी डॉक्टर के पास पहुँचाया गया जिन्होंने इस अदम्य जिजीविषा वाले मुर्गे की देखभाल की. उन्होंने गर्दन से सिरिंज के जरिये उसके पेट में खाना पहुँचाया और साथ में एंटीबायोटिक दवाएं भी दीं ताकि इन्फेक्शन न हो. जिस तरह से मुर्गा स्वस्थ है उससे लगता है कि अभी यह लम्बा जीने वाला है. लेकिन इस बिना गर्दन के मुर्गे को जीवन भर देखभाल की जरूरत होगी, यह डॉक्टर की चिंता का विषय था.

सौभाग्य से Ratchaburi के एक मंदिर के भिक्षुओं को इसके बारे में पता चला और उन्होंने इसकी देखभाल की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली है.

आपको शायद विश्वास न हो, लेकिन बिना सिर के किसी मुर्गे के जिंदा रहने का यह पहला मामला नहीं है. अमेरिका में कोलाराडो के एक किसान का माइक नामक एक मुर्गा 1945 से 1947 के बीच 18 महीने तक जिंदा रहा था. तब भी इसे अफवाह ही माना गया था लेकिन तब उसका मालिक पुष्टि के लिए उसे Utah University में लेकर आया था.

(Source : OddityCentral)

 

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