मजबूरी

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एक शराबी सड़क पर पड़ा हुआ था.  पुलिसवाले ने आकर  पूछा – “इतनी क्यूँ पी रखी है ?”

शराबी – “क्या करूँ, मजबूरी थी !”

पुलिसवाला – “कैसी मजबूरी ?”

शराबी – “बोतल का ढक्कन  गुम हो गया था !”

Sent By : Manish Agrawal, Bhind.

 

15 COMMENTS

  1. पर मुझे ये समाज में नहीं आता के सराबी भाई यो का हमेशा ढक्कन ही क्यू गम हो जाता हे?
    बोतल क्यू गम नहीं होती?
    (ऊपर दिए गए आवेदन में भाई इस लिए लिखा गया हे क्यू की किसी सराबी को बुरा ना लगे.

  2. जन्नत ने मुझसे पूछा १ दिन बता ऊपर जाकर क्या करेगे तो
    सखी ने कहा कफ़न में छुपा के ले चल बोतल मज़े से घुट-घुट पिया करेगे
    और जब उपरवाला मागेगा गुनाहों का हिसाब तो उसे भी भर-भर के जाम दिया करेगे

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