आदत के मुताबिक

आदत के मुताबिक

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नियमित रूप से वैश्यागमन करने वाले एक व्यक्ति की आखिरकार शादी हो ही गई। शादी के अगले ही दिन वह रोता हुआ अपने दोस्त के घर पहुंचा ।

– क्या बात है ? रो क्यों रहे हो ? दोस्त ने पूछा ।

-यार, तुम तो जानते हो मैं कैसा आदमी था। आज सुबह जब मैं जागा तो अपनी आदत के मुताबिक मैंने अपनी पत्नी को एक सौ रुपये का नोट थमा दिया ।

अच्छा ! तो यह बात है । देखो, आखिर वह तुम्हारी पत्नी है । उसे समझाओ कि वह तुम्हारे बीते दिनों को भूल जाए और साथ ही उसे विश्वास दिलाओ कि भविष्य में तुम उसके सिवा किसी और की तरफ देखोगे भी नहीं । देखना, वह मान जाएगी यार ….. !  
दोस्त ने दिलासा देते हुए कहा ।

आदमी ने गुस्से से लाल होते हुए कहा – यार, बात वह नहीं है । उसने सौ का नोट रखकर मुझे पचास रुपये वापस कर दिए ……………. ।


Sent By : Anees, Kanpur.

 

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