भूल का अहसास

भूल का अहसास

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प्यारी सुषमा,

मेरे सपनों की रानी । इतने अरसे के बाद तुम्हें पत्र लिखने के लिए मजबूर हो गया हूं। जब से मैंने तुमसे सगाई तोड़ी है, सच कहता हूं एक रात भी ठीक से सो नहीं सका हूं। तुमसे दूर जाने के बाद अहसास हुआ कि तुम्हारे बिना जीना संभव ही नहीं है। हर पल, हर तरफ बस तुम ही तुम दिखाई देती हो। मैं जानता हूं कि तुम्हारा दिल बहुत बड़ा है। हर बार की तरह तुम मेरी यह भूल भी माफ कर दोगी।
मैं वापस तुम्हारे पास आ रहा हूं। मुझे तुम्हारे सिवा दुनिया में और किसी की जरूरत नहीं है।

तुम्हारा और सिर्फ तुम्हारा,

निरंजन 

पुनश्च : सिक्किम सरकार की एक करोड़ की लाटरी जीतने पर हार्दिक बधाई।

Sent By : Ishaq Khan, Bhind

 

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