समानता

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साहूकार : संता, जब भी मैं तुम्हें देखता हूं मुझे बंता की याद आ जाती है।

संता : पर बंता और मुझमें तो कोई समानता है नहीं !

साहूकार : है क्यों नहीं ? तुम दोनों ने ही मुझसे सौ-सौ रुपये उधार ले रखे हैं ….

Sent By : Rakesh Gupta, Delhi.

 

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