दुकानदारी

दुकानदारी

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संता अपने बेटे बंता को खरीदारी सिखा रहा था। संता दुकानदार बना और बंता खरीदार।

बंता – एक लीटर आलू देना ।

संता – नहीं बेटा, आलू किलो में आता है।

बंता – अच्छा तो एक किलो सोना दे दो ।

संता – नहीं बेटा, सोना किलो में खरीदने की चीज नहीं है। वह तो तोले के हिसाब से बिकता है वह भी ज्वेलर्स के यहां ।

आखिर संता उकता गया और बोला कि मैं खरीदार बनता हूं और तुम दुकानदार बनो।

संता – एक किलो गुड़ देना ।

बंता – किसमें दूं ? बोतल लाए हैं ?

Sent By : Rehan, Bhopal

 

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