यह लतीफा नहीं है

यह लतीफा नहीं है

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18 साल का लड़का ट्रेन में खिड़की के पास वाली सीट पर बैठा था. अचानक वो ख़ुशी में जोर से चिल्लाया “पिताजी, वो देखो, पेड़ पीछे जा रहा हैं”.

उसके पिता ने स्नेह से उसके सर पर हाथ  फिराया.

वो लड़का फिर चिल्लाया “पिताजी वो देखो, आसमान में बादल भी ट्…रेन के साथ साथ चल रहे हैं”. पिता की आँखों से आंसू निकल गए.

पास बैठा आदमी ये सब देख रहा था. उसने कहा-  “इतना बड़ा होने के बाद भी आपका लड़का बच्चो जैसी हरकते कर रहा हैं. आप इसको किसी अच्छे डॉक्टर से क्यों नहीं दिखाते ?”

पिता ने बताया कि  वो लोग डॉक्टर के पास से ही आ रहे हैं. मेरा बेटा जनम से अँधा था, आज ही उसको नयी आँखे मिली हैं….!

#नेत्रदान करे. किसी की जिंदगी में रौशनी भरे.

Sent By : Manish Agrawal, Bhind.

 

16 COMMENTS

  1. आज उस बाप से ज्यादा खुशनसीब कोई नहीं हैं. सिवाय उसके बेटे के.

  2. उसे जी भर के देखने दो इस दुनिया को……..को मेरे भाई……..ये जहाँ नै है उसके लिए………

  3. मनीष अग्रवाल जी आप मनोज कुमार की “शोर” फिल्म भी देखिएगा. यदि आप वाकई में इमोshनल हैं तो.

  4. दिस किंद ऑफ़ इमोशनल content शुद नोट सेंत ओं थिस site

  5. ek Ladka andha tha, vah ek ladki se pyar karta tha, Ladke ne poocha, kya mujhe sadi karogi. Ladki ne kaha ha, kuchh din bad Ladke ko dikhai dene laga. Ladki ne poocha, kya mujhse sadi krooge. Ladke ne saaf Inkar kar diya, Ladki wha se chali gayi, AUR Jate – Jate kah Gai ” MERI AAKHO KA KHAYAL RAKHANA”

  6. bahut acchhe
    Humare aansu ponch k woh muskurate hai,
    Is hi ada se woh dil ko churate hai,
    Hath unka chu jaye hamare chere ko,
    Is hi umeed pe hum khud ko roz rulate hai…

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