त्याग

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एक बार जंगल में आग लग गई जिसमें 11 लोग फंस गए. दस आदमी और एक औरत.

एक हेलीकाप्टर उन्हें बचाने आया. सभी 11 लोग हेलीकाप्टर से बंधी रस्सी से लटक गए. लेकिन रस्सी कमजोर थी और एक साथ इतने लोगों को लटका कर ले जाने में टूटने का खतरा था. कम से कम किसी एक आदमी को रस्सी छोड़नी ही थी अन्यथा सारे लोगों की जान खतरे में आ सकती थी.

पर बलिदान कौन करे क्योंकि रस्सी छोड़ने का मतलब था मौत ?

यह सोच विचार चल ही रहा था कि महिला ने भावुक होकर कहना शुरु किया.

उसने कहा कि वह स्वेच्छा से रस्सी छोड़ रही है, क्योंकि त्याग करना स्त्री का स्वभाव है. वह रोज ही अपने पति और बच्चों के लिये त्याग करती है और व्यापक रूप से देखा जाये तो हमेशा से ही स्त्रियां पुरुषों के लिये नि:स्वार्थ त्याग करती ही आई हैं…

जैसे ही महिला ने अपना भाषण खत्म किया, सभी पुरुष एक साथ ताली बजाने लगे…

 

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