Home Hindi Jokes Hindi Jokes (Miscellaneous) तू सेर … मैं सवा सेर

तू सेर … मैं सवा सेर

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कंप्यूटर के एक्सपर्ट एक शहरी बाबू को फ़टाफ़ट अमीर बनने का जब कोई दूसरा उपाय न सूझा तो उन्होंने नोट छापने का ही निश्चय कर लिया.

उन्होंने 15 – 15 रुपये के नोट छाप लिए और उन्हें चलाने की फिराक में घूमने लगे. अब चूंकि ये नोट शहर में तो चल नहीं सकते थे सो वे एक दूरदराज के ग्रामीण इलाके में जा पहुंचे.

अपना  नोट एक दुकानदार को दिखाते हुए बोले – “15 रुपये के नोट अभी – अभी सरकार ने चलाये हैं. शहर में तो खूब चलते हैं. यहाँ नहीं चलते क्या ?”

दुकानदार बोला – “बिलकुल चलते हैं साहब …पर चिल्लर पर एक रुपया कम मिलेगा … कहो तो दे दूँ ?”

शहरी बाबू मन ही मन खुश होते हुए बोले – “ठीक है भाई … चिल्लर की जरुरत है इसलिए मजबूरी है … लाओ  एक रुपया कम ही दे दो …!”

दुकानदार ने सात-सात रुपये के दो नोट उनकी तरफ बढ़ा दिए.

 

 

 

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