दूसरे मोहल्ले में रहता हूं

दूसरे मोहल्ले में रहता हूं

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डूबते हुए सूरज को देख कर दो बच्चे बहस कर रहे थे।
एक बच्चा बोला – यह सेब है।
दूसरा बोला – नहीं, यह संतरा है।

यह बहस झगड़े में तब्दील होने वाली ही थी कि सौभाग्य से एक सज्जन वहां से गुजरे । बच्चों ने झगड़ा निपटाने की गरज से उन्हीं से पूछना बेहतर समझा।

अंकल, मैं कहता हूं यह सेब है। यह कहता है कि यह संतरा है। आप ही बताइए कि यह क्या है ?

सज्जन ने पांच मिनट सूरज की तरफ गौर से देखा फिर गंभीर मुद्रा बनाकर बोले – बच्चो, मैं दूसरे मोहल्ले में रहता हूं इसलिए ठीक से कुछ नहीं कह सकता। बेहतर होगा तुम यहीं आसपास रहने वाले किसी आदमी से पूछो ….. ।

 

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