होशियार

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सुमित : मेरे पापा इतने होशियार  है कि  वो जब भी माचिस लेते है  तो माचिस की तीलियां  डिब्बी  खोल  कर  गिनते है !

हरेन्द्र : ये तो कुछ भी नहीं.  मेरे पापा तो इतने होशियार  है कि  वो जब भी माचिस लेते है  तो सारी तीलियां जलाकर  देखते है !!!

Sent By : Sumit Rana, Bhopal.

 

7 COMMENTS

  1. अरे ये तो कुछ भी नहीं. मेरे पापा तो माचिस खरीदते ही नहीं. हरेन्द्र के पापा से उधार ले लेते हैं.

  2. हरेंदर के पापा के हाथ से माचिस लेकर मेरे पापा सारी तीलिया
    अपनी माचिस जो की खाली डिब्बी है उसमे ढाल लेते हैं और सिटी बजाते हुए
    चले जाते हैं और गुमनाम, सुमित और हरेंदर के पापा बीडी जलाने के लिए एक दुसरे का मुह देखते रहते हैं

  3. अरे यार तेरे पापा इतनी बीडी क्यों पीते है कि माचिस की जरूरत पड़े

  4. ताकि दिमाग की बत्ती जलती रहे और दांत में कीड़े न लगें.

  5. सुमित और हरेन्द्र का पता नहीं मेरे दोस्त, मेरे पास सिगरेट लाइटर है.

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