ब्याज सहित वसूल

ब्याज सहित वसूल

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kanjus-aadmi

एक सेठजी बड़े कंजूस थे। एक दिन उनके बेटे ने कहा  – ”पिताजी, मुझसे एक गलती हो गई है। एक लड़की मेरी वजह से मां बनने वाली है। उसका मुंह बन्द रखने के लिये या तो मुझे उसे एक लाख रूपये देने पड़ेंगे या फिर उससे शादी करनी पड़ेगी।”

सेठजी ने मजबूरीवश एक लाख रुपये उसके हवाले कर दिए।

कुछ दिन बाद कमोबेश ऐसी ही स्थिति में उन्हें अपने दूसरे बेटे को भी एक लाख रुपये देने पड़े ।

साल भर बाद उनकी जवान बेटी रोती हुई उनके पास आई और बोली – ”पिताजी, मुझसे भूल हो गई है। मैं बिना शादी किये ही मां बनने वाली हूं। यह हरकत मेरे साथ शहर के सबसे बड़े धनवान आदमी के बेटे ने की है।”

पिता ने उसे दिलासा देते हुये कहा – ”चिन्ता न कर बेटी ! आखिर राम राम करते वह दिन आ ही गया जब मैं अपने नालायक बेटों द्वारा किया गया नुकसान  ब्याज सहित वसूल कर सकता हूं।”

 

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