केजरीवाल की घोषणाओं का असर

केजरीवाल की घोषणाओं का असर

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शपथ-ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा दिल्ली में “लाल बत्ती” बंद करने और रिश्वतखोरों को पकडवाने के लिए अलग से नंबर प्रदान करने की घोषणा का आम जनता ने तहे-दिल से स्वागत किया है. इन घोषणाओं से आम लोगों में हिम्मत का संचार कुछ इस तरह हुआ है कि अब वे पुलिस वालों तक से पंगे लेने में नहीं चूक रहे हैं.
Arvind Kejriwal's Shapath Grahan As Delhi CM

एक ट्रेफिक पुलिस इंस्पेक्टर ने अपना नाम सामने न आने की शर्त पर (कमबख्त ने मुझसे मेरे बच्चों की कसम ले ली है) अपने साथ घटित हुआ ऐसा ही एक वाकया सुनाया है –

कल जब वह इंस्पेक्टर एक चौराहे पर ड्यूटी कर रहा था तभी एक कार सवार ने सिग्नल की परवाह किये बिना गाड़ी आगे निकाल ली. इंस्पेक्टर ने आगे जाकर उसे रोका और लाल बत्ती तोड़ने के लिए चालान काटने की धमकी दी. पर वह कार सवार आम लोगों की तरह चुपचाप 50 का नोट देकर निकल जाने की बजाय नेतागिरी पर उतर आया. बोला कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में लाल बत्ती बंद करवा दी है फिर मैं लाल बत्ती की परवाह क्यों करूँ.

इंस्पेक्टर ने जब उसे समझाया कि जो बंद हुई हैं वो लाल बत्ती दूसरी हैं और ये जो चालू है ये दूसरी, तो वह कार चालक घबरा गया और माफ़ी मांगने लगा. मौका अपने माफिक देखकर इंस्पेक्टर ने उसे 50 रुपये देकर निकल जाने को कहा. कार चालक ने अहसान मानते हुए 50 रुपये दिए और मोबाइल निकाल कर नंबर डायल करने लगा. जब इंस्पेक्टर ने पूछा कि कहां फोन लगा रहे हो तो बोला कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली वालों को एक नंबर दिया है और कहा है कि कोई रिश्वत मांगे तो मना मत करना, चुपचाप दे देना और हमें फोन कर देना …

इंस्पेक्टर उसके पैरों पर गिर पड़ा और गिडगिडाने लगा कि उसकी नौकरी चली जायेगी … एक भी पैसा मत दो पर फोन मत करो. कार सवार बोला कि 500 रुपये दो तो फोन नहीं करूँगा. इंस्पेक्टर बोला कि अब तुम जो मांग रहे हो वह रिश्वत नहीं है क्या ?

इस पर कार सवार ने हंस कर जवाब दिया कि हम कोई सरकारी नौकर थोड़े ही हैं … हम तो आम आदमी हैं … ये नंबर हमको पकड़ने के लिए नहीं है.

आखिर इंस्पेक्टर को 500 रुपये देने ही पड़े और कार सवार “केजरीवाल जिंदाबाद” का नारा लगाते हुए वहाँ से चला गया.

इंस्पेक्टर अपने साथ हुई इस घटना से बहुत दुखी है. रात को जब वह बिना एक पैसा कमाए, उलटे घर से लाये हुए 500 रुपये गंवाकर घर पहुंचा तो बीवी ने उसे खाना नहीं दिया. हालांकि बीवी भी मन ही मन पछता रही थी क्योंकि उसने भी आम आदमी पार्टी को वोट दिया था.

By : Gustakhi Maaf

Disclaimer : The above article is a work of fiction and written solely for the purpose of entertainment. Please do not resemble it with any real incident or person.

 

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