आईपीएस अधिकारी ने संविधान को प्रस्तुत किया काव्य रूप में

आईपीएस अधिकारी ने संविधान को प्रस्तुत किया काव्य रूप में

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हमारा संविधान हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ है. इसमें जो कुछ लिखा है उसी के आधार पर देश का संचालन किया जाता है. लेकिन संविधान के जटिल अनुच्छेदों को पढ़ना और समझना आसान नहीं है. बड़े-बड़े वकील और कानूनविद भी इसके अनुच्छेदों की व्याख्या करने में चकरा जाते हैं. कितना अच्छा हो यदि संविधान की महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ सरल सुगम्य भाषा में हों ताकि औसत शिक्षित व्यक्ति भी उसे आसानी से समझ सके ?

शायद इसी समस्या को दृष्टिगत रखते हुए आईपीएस अधिकारी सुशील कुमार गौतम ने संविधान को काव्य रूप में प्रस्तुत किया है. पुड्डुचेरी के पुलिस प्रमुख श्री गौतम ने संविधान की मूल बातों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इसे काव्य रूप में परिवर्तित किया है ताकि देश के लोग रोचक तरीके से इसे समझ सकें.

एक बानगी देखिये –

‘संविधान काव्य’ नाम से कुल 77 पन्नों की यह कृति है जिसे आप पुस्तक रूप में भी रख सकते हैं और इन्टरनेट पर भी यहाँ पढ़ सकते हैं.


(Source : Topyaps)

 

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