इसरो ने अन्तरिक्ष में लगाया शतक, कभी साइकिल और बैलगाड़ी से ढो...

इसरो ने अन्तरिक्ष में लगाया शतक, कभी साइकिल और बैलगाड़ी से ढो कर ले जाते थे राकेट

0
SHARE

2018 की शुरूआत में ही देश के अन्तरिक्ष वैज्ञानिकों ने देशवासियों को गर्व करने का एक अवसर प्रदान कर दिया है. आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपना 100वां सैटेलाईट लांच किया है. PSLV C-40 अपने साथ सबसे भारी कार्टोसैट 2 सीरीज के उपग्रह के अलावा 30 दूसरी सैटलाइट भी अंतरिक्ष में ले गया है.

इस बार इसरो ने एक साथ 31 सैटेलाईट लांच किये जिनमें 28 विदेशी ग्राहकों के है. इसरो के वैज्ञानिक एएस किरण ने बताया कि पिछले पीएसएलवी लॉन्च के दौरान हमें समस्याएं हुईं थी और आज जो हुआ है उससे यह साबित होता है कि समस्या को ठीक से देखा गया और उसमें सुधार किया गया. देश को इस नए साल का उपहार देने के लिए शुभकामनाएं.

इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 को डॉ. विक्रम साराभाई ने की थी. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे वैज्ञानिक अपने पहले राकेट को साइकिल पर लादकर प्रक्षेपण स्थल तक ले गए थे. इस मिशन का दूसरा राकेट साइकिल के लिहाज से काफी बड़ा और वजनी था इसलिए उसे ले जाने के लिए बैलगाड़ी का प्रयोग किया गया था.


आपको शायद ये भी पता न हो कि उस समय इसरो के पास अपना कोई दफ्तर तक नहीं था और राकेट छोड़ने के लिए नारियल के पेड़ों को लॉन्चिंग पैड के रूप में इस्तेमाल किया गया था. आज पूरे भारत के 13 अलग अलग जगहों पर सेण्टर हैं.

इसरो एक ऐसी संस्था है जिसने देश को कई बार गौरवान्वित अनुभव कराया है और भविष्य में भी कराती रहेगी. फिलहाल इस शतक पर इसरो के वैज्ञानिकों को बहुत बहुत बधाई !

(Images : NDTV)

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY