भारत की जेल में ख़ुशी ख़ुशी बंद होने के लिए मलेशिया से...

भारत की जेल में ख़ुशी ख़ुशी बंद होने के लिए मलेशिया से आये हैं ये दो युवक

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जेल जाने के नाम पर भले आपके शरीर में झुरझुरी दौड़ जाती हो लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दो मलेशिआई युवक अपनी मर्जी से भारत की हैदराबाद जेल में बंद होने के लिए ख़ुशी ख़ुशी चले आये. और हाँ, इन्होने कोई अपराध भी नहीं किया है.

अब आप सोच रहे होंगे कि फिर ये जेल में बंद क्यों हुए ? तो आपको बता दें कि दरअसल ये दोनों युवक ‘जेल टूरिज्म’ के तहत अपनी मर्जी से जेल में बंद होने के लिए आये हैं. इस प्रोग्राम के तहत कोई भी आम आदमी जेल में 24 घंटे कैदियों की तरह बिता सकता है.

इस उपक्रम के तहत जेल में 24 घंटे बिताने के लिए टूरिस्ट को 500 रुपये का चार्ज देना पड़ता है. यह जेल निजाम के काल में 1796 में बनी थी. इस दौरान जेल प्रशासन टूरिस्ट को कैदियों जैसे कपडे और उनके जैसा ही भोजन देता है.

2016 में शुरू हुए इस जेल टूरिज्म का आनंद अब तक कई लोग उठा चुके हैं. हालांकि इन दो विदेशी युवकों के जेल टूरिज्म के लिए आने पर जेल प्रशासन सचमुच हैरान रह गया.

मलेशिया के रहने वाले इन दो युवकों के नाम निग इन वो और ओंग बून टेक हैं. ये दोनों ख़ास इसी मकसद से हैदराबाद आये थे.

(Source : InToday)

 

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