भारत में जन्मे इस व्यक्ति ने किया था ATM मशीन का आविष्कार

भारत में जन्मे इस व्यक्ति ने किया था ATM मशीन का आविष्कार

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नगदी निकालने के लिए दुनिया भर में एटीएम मशीनों का प्रयोग आजकल आम हो गया है. एटीएम मशीनों ने बैंक कर्मचारियों के कन्धों से तो बोझ कम किया ही है, लोगों की जिंदगी को भी बहुत आसान बना दिया है. अब पैसों के लिए बैंक खुलने का इंतज़ार जो नहीं करना पड़ता. आइये जानते हैं एटीएम मशीन के आविष्कार से जुड़ी कुछ रोचक बातें.

क्या आप जानते हैं कि जिस व्यक्ति ने एटीएम मशीन का आविष्कार किया उसका भारत से एक गहरा नाता है ? शायद नहीं जानते होंगे. चलिए हम आपको बताते हैं. एटीएम का आविष्कार जॉन शेफर्ड बैरन ने किया था और उनका जन्म भारत में ही मेघालय की राजधानी शिलोंग में 23 जून 1925 को हुआ था.

जॉन के पिता स्कॉटलैंड के थे और उनके जन्म के समय उत्तरी बंगाल में चटगांव पोर्ट कमिश्नर्स के चीफ इंजीनियर के रूप में तैनात थे.

जॉन शेफर्ड बैरन को एटीएम मशीन बनाने का विचार कैसे आया इसकी कहानी भी काफी दिलचस्प है. हुआ ये कि एक दिन जॉन पैसे निकालने के लिए बैंक गए लेकिन उनके पहुँचने तक बैंक बंद हो गया. उन्हें यह बात अच्छी नहीं लगी और वे इस समस्या के हल के बारे में सोचने लगे.

एक दिन उनके दिमाग में विचार आया कि यदि चॉकलेट निकालने वाली मशीन की तरह की ही कोई मशीन बनाई जाए जिससे चॉकलेट की जगह पैसे निकलें तो लोगों को कितनी सुविधा हो जाए. बस, उसी दिन से जॉन ऐसी मशीन बनाने में जुट गए और कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार एक दिन एटीएम मशीन बनाने में सफल हुए.

जॉन द्वारा विकसित सबसे पहली एटीएम मशीन लन्दन में बारक्लेज बैंक की एक शाखा में 27 जून 1967 को लगाईं गई. हालांकि इसके काफी समय बाद 1987 में भारत में पहला एटीएम HSBC बैंक द्वारा मुंबई की एक शाखा में लगाया गया.

15 मई 2010 को जॉन शेफर्ड बैरन का निधन हो गया लेकिन उनके अनमोल आविष्कार की वजह से दुनिया उन्हें हमेशा याद रखेगी.


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