किसान की शर्त (Moral Story)

किसान की शर्त (Moral Story)

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एक युवक एक किसान की बेटी से शादी की इच्छा लेकर किसान के पास गया.

किसान ने उसकी ओर देखा और कहा, ”मेरी एक शर्त है. यदि तुम उसे पूरी कर दोगे तो मैं अपनी बेटी की शादी तुमसे कर दूंगा.”

युवक ने किसान से उसकी शर्त पूछी.

किसान बोला – “तुम मेरे खेत में जाकर खड़े हो जाओ. मैं उसमें एक एक करके तीन बैल छोड़ने वाला हूँ. अगर तुम तीनों बैलों में से किसी भी एक की पूँछ पकड़ लो तो मैं अपनी बेटी की शादी तुमसे कर दूंगा.”

नौजवान राजी हो गया और खेत में बैल की पूँछ पकड़ने की मुद्रा लेकर खडा हो गया. किसान ने खेत में स्थित अपने घर का दरवाजा खोला और एक बहुत ही बड़ा और खतरनाक बैल उसमे से निकला.

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नौजवान ने ऐसा बैल पहले कभी नहीं देखा था. उससे डर कर नौजवान ने निर्णय लिया कि वह अगले बैल का इंतज़ार करेगा और वह एक तरफ हो गया जिससे बैल उसके पास से होकर निकल गया.

दरवाजा फिर खुला. आश्चर्यजनक रूप से इस बार पहले से भी बड़ा और भयंकर बैल निकला. नौजवान ने सोचा कि इससे तो पहला वाला बैल ठीक था. मजबूरीवश वह एक ओर को हट गया और  बैल को निकल जाने दिया.

दरवाजा तीसरी बार खुला. नौजवान के चहरे पर मुस्कान आ गई. इस बार एक छोटा और मरियल बैल निकला. जैसे ही बैल नौजवान के पास आने लगा, नौजवान ने उसकी पूँछ पकड़ने के लिए मुद्रा बना ली ताकि उसकी पूँछ सही समय पर पकड़ ले.

परन्तु ये क्या ? उस बैल की पूँछ थी ही नहीं…

निराश नौजवान को अपने घर लौटना पड़ा.

कहानी से सीख : जिन्दगी अवसरों से भरी हुई है. कुछ सरल हैं और कुछ कठिन. पर अगर एक बार अवसर गँवा दिया तो फिर वह अवसर दुबारा नहीं मिलेगा. अतः हमेशा प्रथम अवसर को हासिल करने का प्रयास करना चाहिए.

 

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