Home Life & Culture इस सेक्सवर्कर और अपाहिज भिखारी की प्रेमकहानी ने फेसबुकियों के दिल को...

इस सेक्सवर्कर और अपाहिज भिखारी की प्रेमकहानी ने फेसबुकियों के दिल को छू लिया है

0

कहते हैं ज़िन्दगी में अगर कोई प्यार करने वाला हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान लगने लगती है. यह प्यार की ही ताक़त है जो इंसान को कैसी भी परिस्थिति से मुकाबला करने का हौसला दे देती है. पर मुश्किल ये है कि सच्चा प्यार भी किसी किसी को ही मिलता है.

फेसबुक पर एक बंगलादेशी सेक्सवर्कर राजिया बेगम और एक विकलांग भिखारी अब्बास मियाँ की प्रेमकहानी इन दिनों वायरल हो रही है. एक बंगलादेशी फोटोग्राफर आकाश ने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है.

पोस्ट में आकाश लिखते हैं कि राजिया बेगम जिसे न तो ये पता है कि उसकी उम्र क्या है, और न ही वह अपने मातापिता के बारे में जानती है, किसी तरह देह व्यापार में आ गई थी.  वह इस नरक से बाहर निकलना चाहती थी लेकिन उसकी एक बेटी है जिसके कारण उसे ये करना पड़ रहा था.

राजिया की बेटी, जिसे नहीं पता था कि उसकी माँ क्या काम करती है, बड़ी प्यारी सी मासूम सी बच्ची थी. रोज शाम को जब वह घर से निकलती तो उसकी बेटी कभी कभी पूछती कि माँ, आप रात में ही काम क्यों करती हैं, दिन में क्यों नहीं. तब राजिया के पास उसकी बात का कोई जवाब नहीं होता था, बस मजबूरी बता कर घर से चली जाती. वह अपना पेशा छोड़ना चाहती थी मगर कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था.

एक दिन, जब खूब बारिश हो रही थी, राजिया एक पेड़ के नीचे खड़ी अपनी किस्मत पर खूब रो रही थी.  वह इतनी दुखी थी कि उसे ये भी पता नहीं चला कि उसी पेड़ के नीचे कुछ  दूरी पर एक अपाहिज भिखारी भी अपनी व्हील चेयर पर बैठा हुआ है.

राजिया को रोते देख भिखारी अपनी व्हीलचेयर को उसके पास ले आया और उसका ध्यान खींचने के लिए जोर से खांसा. राजिया ने सोचा वह कुछ मांगने के लिए आया है तो उसने कहा कि उसके पास देने के लिए कुछ भी नहीं है. पर भिखारी ने कहा कि वह कुछ मांग नहीं रहा. इतना कहकर उसने अपना हाथ राजिया की तरफ कुछ देने के लिए बढ़ाया.

राजिया ने देखा कि उसके हाथ में एक 50 टका का नोट था. भिखारी, जिसका नाम अब्बास था, बोला, “अभी मेरे पास इतना ही है, इसे रख लो और अपने घर चली जाओ. लगता है तूफ़ान आने वाला है.”

राजिया के हाथों में नोट थमाकर अब्बास अपनी व्हीलचेयर धकेलता हुआ धीरे धीरे नजरों से ओझल हो गया. उधर राजिया, इस सबसे हतप्रभ अपने स्थान पर खड़ी रह गई. उसे ज़िन्दगी में पहली बार किसी ने बिना उसके शरीर का इस्तेमाल किये इतने पैसे दिए थे. एक बार फिर, उसकी रुलाई फूट पड़ी. उसे ऐसा महसूस हुआ कि जैसे वह भिखारी उसका कोई अपना था.

इसके बाद राजिया ने उस भिखारी को कई दिनों तक ढूँढा और आखिर एक दिन एक पेड़ के नीचे उसे बैठा पाया. भिखारी अब्बास ने बताया कि उसकी विकलांगता के चलते उसकी बीवी उसे छोड़कर चली गई है.

राजिया ने काफी साहस जुटाकर कहा कि अब वह किसी को प्यार तो नहीं कर सकती लेकिन अगर वह चाहे तो वह ज़िन्दगी भर उसकी व्हीलचेयर को धक्का दे सकती है. इस पर अब्बास ने मुस्कुराकर कहा, “बिना प्यार के कोई मेरी व्हीलचेयर को धक्का क्यों देगा भला ?”

आज उन दोनों की शादी को चार साल हो गए हैं. शादी के दौरान अब्बास ने राजिया से कहा था कि आज के बाद कुछ भी हो जाए, तुम्हें रोने नहीं दूंगा.

कभी कभी उनके पास खाने को कुछ नहीं होता है, भूखे ही सोना पड़ता है. आकाश जब उनसे मिले तब भी उनके पास खाने के लिए चोटपती (एक बंगाली डिश) की एक ही प्लेट थी, जिसे उन्होंने आधा आधा खाया. ज़िन्दगी की दुश्वारियां कम हो गई हों, ऐसा बिलकुल नहीं है लेकिन, अब्बास मियां के प्यार ने राजिया को फिर  कभी रोने नहीं दिया.

चार साल से उसकी आँखों में आँसू नहीं आये हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here