ऑटो चालक ने स्कूल संचालक का रुपयों से भरा बैग लौटाया, इनाम...

ऑटो चालक ने स्कूल संचालक का रुपयों से भरा बैग लौटाया, इनाम में मिली बच्चों की मुफ्त शिक्षा

0
SHARE

अच्छी ख़बरें न सिर्फ दिलोदिमाग को सुकून पहुंचाती हैं बल्कि मानवता में हमारा विश्वास भी दृढ करती हैं. इसीलिए हमारी कोशिश रहती है कि दुनिया में घटने वाली अच्छी ख़बरों को आप तक जरूर पहुंचाया जाए.

करीब दो महीने पहले की बात है. मुंबई के चेम्बूर में एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल चलाने वाली सरला नम्बूदरी ने स्कूल बंद होने के बाद अपनी कार तक पहुँचने के लिए एक ऑटो लिया. दरअसल उन्होंने अपनी कार स्कूल से थोड़ी दूर पार्क की थी और उन्हें चलने में कुछ तकलीफ थी.

Times Of India

अपनी कार के पास पहुँच कर वे ऑटो से तो उतर गईं लेकिन अपना बैग उसी में भूल गईं जिसमें 80 हजार रुपयों के साथ साथ उनका डेबिट कार्ड, आधार कार्ड. पेन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे. इसके अलावा बैग में उनके घर की चाभी, दो मोबाइल फ़ोन भी रखे थे.

घर पहुँचने पर उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ. वे वापस स्कूल आईं और अपने चौकीदार को ऑटोवाले की तलाश में भेजा. चौकीदार आसपास घूमकर आया पर उसे औटोवाला नहीं मिला जो सरला जी को बिठाकर ले गया था. हाँ, वह उसका नाम जरूर पता कर लाया. अमित गुप्ता.

अब सिर्फ से नाम से इतने बड़े शहर में ऑटोवाले का पता करना आसान काम तो था नहीं. सो सरला नम्बूदरी ने सोचा कि पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी जाए. अभी वे यह सोच ही रही थीं कि तभी सामने से वही ऑटो वाला आता दिखा. उसने आकर बैग मैडम के हाथ में थमा दिया.

उसने बताया कि उन्हें छोड़ने के बाद उसे दूसरी सवारी मिली जिसने इस बैग को उठाकर उसे दिया. वह समझ गया कि यह आपका ही है. सवारी छोड़कर वह सीधा यह बैग लौटाने चला आया. इतना कहकर औटोवाला चला गया.

ऑटोवाले के जाने के बाद सरला नम्बूदरी को महसूस हुआ कि उन्हें उस ईमानदार ऑटो वाले के लिए कुछ करना चाहिए था. वे फिर से उस पानवाले के पास गईं जिसने उनके चौकीदार को उसका नाम बताया था मगर उससे भी उन्हें नाम के अतिरिक्त और कोई जानकारी मसलन, फ़ोन नंबर इत्यादि नहीं मिल सकी.

इसके बाद कई हफ़्तों तक वह नहीं दिखा, पर उनकी आँखें आते जाते लगातार उस ऑटोवाले को तलाश करती रहीं. और आखिरकार इस हफ्ते की शुरुआत में उन्होंने उसे ढूंढ ही लिया.

उससे मिलने पर उन्हें पता चला कि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और वह स्कूल फीस न दे पाने के कारण अपने बच्चों को ठीक से पढ़ा भी नहीं पा रहा है. यह जानने के बाद सरला नम्बूदरी ने उसके बच्चों को फ्री शिक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया है.

इतना ही नहीं, उन्होंने ऑटो चालक की ईमानदारी की सराहना करते हुए उसे 10 हजार रुपये नगद इनाम भी दिया.

(Source : Indiatimes)

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY