Home News आज उनकी जयंती है जिन्होंने सबसे पहले गांधीजी को ‘राष्ट्रपिता’ कहा था

आज उनकी जयंती है जिन्होंने सबसे पहले गांधीजी को ‘राष्ट्रपिता’ कहा था

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23 जनवरी भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के सबसे बड़े नेताओं में से एक नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का जन्मदिन है. उनका जन्म इसी तारीख को उड़ीसा के कटक में हुआ था. ‘नेताजी’ के नाम से मशहूर सुभाष चन्द्र बोस ने भारत को आजादी दिलाने के लिए जो अभूतपूर्व प्रयास किये, उनके लिए उन्हें भारत का जनमानस कभी भुला नहीं सकता है. आइये जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य.

भारत को आजाद कराने का जूनून उन पर इतना अधिक सवार था कि उन्होंने इसके लिए एक फौज ही खड़ी कर ली जिसका नाम था ‘आजाद हिन्द फौज’. दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है, इस सिद्धांत के आधार पर उन्होंने भारत को स्वतंत्र कराने के लिए ब्रिटेन के दुश्मन देशों जर्मनी और जापान का सहयोग लेने की भी कोशिश की.

आज जो ‘जय हिन्द’ का नारा हम लगाते हैं वह उन्हीं की देन है. उनका एक और नारा ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ बहुत प्रसिद्ध हुआ.

वे नेताजी ही थे जिन्होंने सबसे पहले महात्मा गाँधी को ‘राष्ट्रपिता’ का संबोधन दिया. आजादी से पहले 6 जुलाई 1944 को उन्होंने रेडियो रंगून से एक संबोधन दिया जिसमें उन्होंने गांधीजी को ‘राष्ट्रपिता’ का संबोधन देते हुए उनसे ‘आजाद हिन्द फौज’ की विजय के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं मांगीं थीं.

इस देश को अंग्रेजों से पूर्णतः आजादी 15  अगस्त 1947 को मिली लेकिन आप में से बहुत से लोगों को शायद ये नहीं पता होगा कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने स्वतंत्र भारत की पहली अंतरिम सरकार बनाई थी जिसे जर्मनी, जापान, चीन, इटली जैसे देशों सहित कुल 9 देशों ने मान्यता दी थी.

नेताजी ने एक ऑस्ट्रियाई महिला एमिली से प्रेमविवाह किया था. 1934 में जब वे अपना इलाज कराने वहाँ गए थे तब उन्हें अपनी पुस्तक लिखने के लिए एक टाइपिस्ट की आवश्यकता महसूस हुई. तब उनके एक मित्र ने उनकी मुलाक़ात एमिली शेंकल से कराई. दोनों को एक दूसरे से प्रेम हो गया और उन्होंने कुछ साल बाद शादी कर ली. एमिली से उन्हें एक पुत्री हुई जिसका नाम उन्होंने अनिता रखा.

नेताजी की मृत्यु आज तक विवादों के घेरे में है. माना जाता है कि उनकी मृत्यु 18 अगस्त 1945 को एक विमान दुर्घटना में हुई लेकिन भारत में ऐसा मानने वालों की भी बहुतायत है कि उनकी मृत्यु 1945 में नहीं हुई.

सत्य जो भी हो, लेकिन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का अपने देश के प्रति इतना अगाध प्रेम था कि गांधी जी भी उन्हें ‘देशभक्तों का देशभक्त’ कहते थे.

आज जयंती पर भारत माँ के इस लाडले सपूत को कोटि कोटि नमन !

(Images : Wikipedia)

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