अब पुरानी करेंसी जमा करने के लिए ठन्डे पानी से नहा कर...

अब पुरानी करेंसी जमा करने के लिए ठन्डे पानी से नहा कर आना होगा बैंक

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नोटबंदी में हर दूसरे तीसरे रोज नए नियमों की श्रंखला में सरकार ने अब एक और नया नियम जारी किया है. इसके मुताबिक अब पुरानी करेंसी बैंकों में तभी स्वीकार की जाएगी जब आप ठन्डे पानी से नहाकर बैंक आयेंगे.

पत्रकारों को इस नियम की जानकारी देते हुए वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार ने बहुत सोच-समझ कर ये फैसला किया है. सरकार को जानकारी मिल रही थी कि सर्दियां आते ही लोगों ने नहाना कम कर दिया है जिससे हमारा स्वच्छता अभियान प्रभावित हो रहा है. जब लोगों का शरीर ही स्वच्छ नहीं होगा तो मन कैसे स्वच्छ होगा ? और एक अस्वच्छ मन ही काले धन का जनक होता है इसीलिए हमने नोटबंदी को बड़ी खूबसूरती से स्वच्छता अभियान से जोड़ दिया है.

एक पत्रकार ने जब पूछा कि आपने नहाने के लिए ठन्डे पानी की बंदिश क्यों लगाईं है तो जेटली जी अपनी चिर-परिचित कुटिल मुस्कान के साथ बोले – “इस तरीके से हम ऊर्जा की बचत करेंगे. आप पानी गर्म करने के लिए जो गैस या बिजली का उपयोग करते हैं वह पूरी की पूरी बच जायेगी.”

“पर आप पता कैसे लगायेंगे कि आदमी ठन्डे पानी से नहाकर आया है या गर्म पानी से ?”, पत्रकार ने दूसरा सवाल दाग दिया.

वित्तमंत्री फिर से मंद-मंद मुस्कुराते हुए बोले – “आप सरकार को बेवकूफ समझने की भूल मत कीजिये. हमें अपने देश की जनता की फितरत मालूम है इसीलिए हमने विदेश से विशेष चिप मंगवाईं हैं जो बैंकों के दरवाजे पर लगाईं जायेगी. ये चिप दरवाजे के भीतर घुसते ही आपके शरीर का तापमान नाप लेगी और बता देगी कि आप ठन्डे पानी से नहाकर आये हैं या गर्म पानी से !”

इसके बाद वित्तमंत्री उठ कर चल दिए, फिर अचानक रुक कर बोले – “और हाँ, यह भी छाप दीजियेगा कि यह चिप नहाने के सिर्फ एक घंटे तक ही शरीर का तापमान नाप पाएगी इसलिए करेंसी जमा कराने वाले को नहाने के एक घंटे के भीतर बैंक के दरवाजे के भीतर घुसना अनिवार्य होगा.”

“पर यदि लाइन लम्बी हुई और एक घंटे के भीतर आदमी का नंबर ही नहीं आया तो ?”, वही पत्रकार पुनः चीखा.

“तो फिर से जाकर ठन्डे पानी से नहाकर आना होगा …”, इतना कहकर वित्तमंत्री जी मुस्कान बिखेरते हुए हाथ हिलाते हुए चले गए.

(Disclaimer : यह लेख संपूर्ण रूप से मनोरंजनार्थ लिखा गया है और इसका किसी भी वास्तविक घटना से कोई सम्बन्ध नहीं हैं. कृपया गंभीरता से न लें.)

 

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