टोटके ने ली जान

टोटके ने ली जान

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टोने-टोटकों का प्रचलन सिर्फ हमारे देश में ही हो, ऐसा नहीं है.  विदेशों में भी अंधविश्वासी लोगों की कमी नहीं है और  भांति-भांति के टोटके प्रचलित हैं.  अभी हाल ही में,  जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए किये एक टोटके के दौरान एक रूसी व्यक्ति अपनी जिंदगी ही गँवा बैठा.

रूस में एक अन्धविश्वास प्रचलित है जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने आपको एक रात के लिए जिंदा दफ़न कर ले तो उसकी जिंदगी खुशियों से भर जाती है. 

एक कंप्यूटर प्रोग्रामर ने यह टोटका अपने ऊपर आजमाने की सोची. उसने अपने एक दोस्त को किसी तरह समझा-बुझा कर खुद को जिंदा दफ़नाने के लिए राजी कर लिया. फिर उसने एक ताबूत में हवा आने-जाने के लिए छेद करवाकर पाइप लगाये, एक बोतल पानी और मोबाइल लिया और ताबूत में लेट गया. दोस्त ने उस ताबूत को कब्र में दफ़न कर दिया.

इतना होने के बाद दफ़न हुए व्यक्ति ने दोस्त से मोबाइल पर बात की और बताया  कि ताबूत के  अंदर सब ठीकठाक है, कोई चिंता की बात नहीं है. यह जानने के बाद दोस्त  सोने के लिए अपने घर चला गया.

अगली सुबह,  जब दोस्त ने आकर ताबूत कब्र से निकालकर खोला, तो अपने आप को इस योजना में शामिल करने पर बहुत पछताया.  दरअसल, दफ़न हुए व्यक्ति की सांस रुकने से मौत हो चुकी थी.  रात भर हुई बारिश के कारण ताबूत के अंदर हवा पहुँचाने के लिए लगाये गए पाइप अवरुद्ध हो गए और उसका दम घुट गया.

21 वीं सदी के उच्च-शिक्षित लोग जब इस तरह के अंधविश्वासों पर भरोसा करें, तो अब उनके लिए क्या कहा जाये ?

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(Based on Media reports, 05-06-11)

 

8 COMMENTS

  1. ये तो उस दोस्त की गलती थी उस ने उसे खुशियों का गलत रास्ता बताया ही क्यों *

  2. Charles Darwin ने कहा था की कुदरत न सिर्फ कमजोर प्राणियों का विनाश करती है, बल्कि कम बुद्धिवाले प्राणियोंको भी इस दुनिया से निकालती है. ऐसी खबरोसे तो यही साबित होता है.

  3. SWAPNIL AISI बात नहीं है वह आदमी एक COMPUTER PROGRAMAR THA AUR INTELLIGENT BHI KINTU वह आर्थिक समस्या से जूझ रहा होगा इसलिए उसने अन्धविसवासी कदम बढाया.

  4. जो भगवन दे उसी खुश रहो ज्यादा पैसे के लालच मई न आओ

  5. शशि सिंह फर्म डेल्ही दुसरो पर जरुरत से ज्यादा विस्वास करोगे तो ऐसा ही होगा भाई.अपनी अक्ल से काम लिया होता तो शायद ऐसा नहीं होता .पर तुम्हारी भी क्या गलती भगवन ने इतनी अकल भी तो नहीं दी की तुम काम में लेते ! ऊऴीईड लोग भी अगर ऐसा करेगे तो ऊणूऴीईड लोग क्या नहीं कर गुजरेगे ! मुझे तो ऐसे लोगो पर हसी आती है. पैसे अगर ऐसे कमाए जाते तो लोगो को म्हणत करने की जरुरत की क्या थी !

  6. खुशिया कभी भी कब्र मैं दफ़न हो कर नहीं मिलती बल्कि जिन्दगी को जी भर कर जीने से मिलती है

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