कभी सुना है कि लूट का माल लुटेरे को ही वापस कर दिया गया हो ? ना ही आपने सुना होगा और न ही ऐसा कहीं होता है. लेकिन ऑस्ट्रिया की एक अदालत ने आज से लगभग 19 साल पहले हुई एक बैंक डकैती के मामले में कुछ ऐसा ही आदेश दिया है.
कहानी कुछ यूँ है – सन 1993 में एक बैंक मैनेजर Otto Neuman ने अपनी ही शाखा से लगभग 150,000 पाउंड नगद तथा कुछ सोने के बिस्किट चुरा लिए. फिर चोरी किये हुए माल को हजम करने की खातिर उसने अपनी ही शाखा में एक फर्जी बैंक डकैती भी करवाई.
लेकिन कहते हैं न कि क़ानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, सो तमाम एहतियात बरतने के बावजूद भी वह आखिर पकड़ा गया. पुलिस ने उसके पास से 51000 पाउंड नगद तथा सारा सोना बरामद कर लिया. शेष नगद राशि बरामद नहीं हो सकी.
बरामद किया हुआ सोना बीमा कंपनी को दे दिया गया, जो पहले ही बैंक के नुकसान की भरपाई कर चुकी थी. नगद राशि 51000 पाउंड, न्याय विभाग के खजाने में जमा करा दिए गए थे.
अभी हाल ही में Neuman के वकील को अदालत की ओर से सूचित किया गया है कि उसने निर्णय लिया है 51000 पाउंड की नगद राशि उसके मुवक्किल Neuman को सौंप दी जाए. लिहाजा इस सम्बन्ध में उससे सहयोग करने की अपेक्षा की जाती है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैंक का इस राशि पर कोई हक नहीं बनता है क्योंकि वह बीमा कंपनी से मुआवजे की राशि पहले ही ले चुका है. साथ ही बीमा कंपनी ने भी इस धन पर दावेदारी जताने में कोई रूचि नहीं दिखाई है क्योंकि उसे जो बरामद किया हुआ सोना दिया गया था, उसकी वर्तमान कीमत मुआवजे के लिए अदा की गई राशि से कई गुना ज्यादा हो चुकी है.
तो आखिरकार माननीय न्यायाधीशों को यही सूझा कि इस पैसे को उसी व्यक्ति को वापस कर दिया जाए जिसने इसे लूटा था. समय की गति बड़ी बलवान है भाई !
News Source – Orange News.
Image Source : Images Of Money
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