वोदका पीड़ित का इलाज व्हिस्की से

वोदका पीड़ित का इलाज व्हिस्की से

कहावत है कि लोहा लोहे को काटता है लेकिन शराब की काट भी शराब ही होती है, ऐसा न्यू जीलैंड के डॉक्टरों ने सिद्ध कर दिखाया है. जी हाँ ! वोदका के असर से पीड़ित व्यक्ति  का इलाज व्हिस्की से कर दिखाया है.

65 वर्षीय डेनिस दुती ने एक पार्टी के दौरान वोदका का सेवन कर लिया. डेनिस  डायबिटिक थे और उसकी रोकथाम के लिए दवाइयां खाते थे, सो वोदका पीते ही उन्हें रिएक्शन हो गया और परिणामस्वरूप उनकी आँखों की रोशनी चली गई.

डेनिस को फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया. जांच करने पर डॉक्टरों ने बताया कि इस रिएक्शन को मेडिकल एथेनॉल से रोका जा सकता है. एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल होता जो एल्कोहोलिक पेयों में भी पाया जाता है. उस समय अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एथेनॉल उपलब्ध नहीं था सो बाज़ार से एक जॉनी वाकर व्हिस्की की बोतल मंगाई गई. इस पूरी बोतल को ट्यूब के द्वारा डेनिस के पेट में चढ़ा दिया गया.

हालांकि इसके बाद डेनिस को पांच दिनों के बाद होश आया लेकिन उनकी आँखों की रोशनी वापस आ चुकी थी.

Via – Orange News, Photo – Flickr

 

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