इंटरनेट का चस्का और बेचारे माता-पिता

इंटरनेट का चस्का और बेचारे माता-पिता

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Girl using Computer

अब इंटरनेट मात्र जानकारियों के आदान-प्रदान या ज्ञानार्जन का माध्यम भर नहीं रहा है. सोशल नेटवर्किंग साइट्स के विस्तार के साथ ही इंटरनेट अब एक लत का रूप लेता जा रहा है. किशोरवय बच्चों को इंटरनेट का चस्का सबसे ज्यादा है और यही  माता-पिता के लिए चिंता का एक बड़ा कारण है.

बच्चे पढ़ाई और दूसरी जीवनोपयोगी गतिविधियों पर ध्यान न देकर अपना अधिकाँश समय स्क्रीन के सामने गुजारना पसंद करते हैं. रोके जाने पर बुरा मानते हैं और कई बार ऐसे कदम भी उठा लेते हैं जो घातक सिद्ध हो सकते हैं.

रॉकलिन, कैलिफोर्निया की एक किशोरवय लड़की ने अपने माता-पिता को मिल्कशेक  में नींद की गोलियाँ मिलाकर पिला दीं ताकि वे सोते रहें और वह आराम से इंटरनेट यूज कर सके. उस रात तो वे सोते रहे लेकिन उन्हें शक हो गया था क्योंकि मिल्क शेक का स्वाद कुछ अजीब सा था, सो अगले दिन जब उन्होंने सख्ती से बेटी से पूछा तो उसने सच बता दिया.

लड़की और एक उसकी हमउम्र दोस्त, जो इसमें उसके साथ शामिल थी, फिलहाल पुलिस कस्टडी में हैं.

 

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