Home Odd News मम्मी पापा ने जबरदस्ती खिलाया सलाद तो बच्चे ने बुला ली पुलिस

मम्मी पापा ने जबरदस्ती खिलाया सलाद तो बच्चे ने बुला ली पुलिस

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हम भी जब बच्चे थे तो रोज खाने के पहले ‘हरी सब्जियों में विटामिन होता है, खाओगे तो ताक़त आएगी, जल्दी बड़े हो जाओगे…’ जैसी बातें सुनने को मिला करती थीं. मुँह बिचकाते, उबकाई लेते हुए भी वे चीज़ें खानी ही पड़ती थीं जो मम्मी पापा के हिसाब से पौष्टिक होती थीं. ज्यादा विरोध करने पर कभी कभी उन चीज़ों के साथ एक – दो थप्पड़ भी एक्स्ट्रा खाने को मिल जाते थे.

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पर हमने मम्मी पापा के इस अत्याचार के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा आवाज उठाई भी तो दादा -दादी की अदालत में, पुलिस बुलाने का ख़याल कभी नहीं आया. क्योंकि हमें जबरदस्ती खिलाने के लिए एक तो मम्मी पापा की यह धमकी भी शामिल होती थी, ‘चुपचाप खा लो वर्ना पुलिस पकड़ ले जायेगी’ तो हमें पता होता था कि पुलिस कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो हम जैसे निरीह बच्चों की मदद करे. दूसरे हमें यह पता भी नहीं होता था कि पुलिस बुलाई कैसे जाती है.

पर आजकल दुनिया वैसी नहीं हैं जैसी हमारे बचपन में हुआ करती थी. आजकल के बच्चे जानते हैं कि मम्मी पापा के खिलाफ भी पुलिस बुलाई जा सकती है. कुछ महीनों पहले उत्तरप्रदेश के एक बच्चे का वीडियो वायरल हुआ था जो सिर्फ इसलिए थाने में अपने पिता की शिकायत करने पहुँच गया था क्योंकि वे उसे मेला दिखाने नहीं ले जा रहे थे. अभी एक और मामला सामने आया है, जिसमें एक बच्चे ने सिर्फ इसलिए पुलिस बुला ली क्योंकि उसके मातापिता उसे सलाद खाने पर मजबूर कर रहे थे जो उसे पसंद नहीं थी. फर्क इतना है कि ये मामला भारत का नहीं, कनाडा का है.

अमेरिका कनाडा में 911 एक ऐसा नंबर है जिस पर कॉल करते ही पुलिस आपकी मदद को हाजिर हो जाती है. कनाडा के हैलिफैक्स के रहने वाले एक 12 वर्षीय बालक ने इस नंबर पर अपने मम्मी पापा की शिकायत की कि वे उसे जबरदस्ती सलाद खिला रहे हैं. 911 आपात सेवाओं के लिए होता है सो पुलिस को कुछ देर यह तय करने में लग गई कि इस शिकायत में इमरजेंसी कितनी है. उधर बच्चे की जान संकट में थी क्योंकि उसे सलाद खाना पड़ रहा था जो उसके मम्मी पापा ने उसे जल्दी फिनिश करने को कहा था. उसने दोबारा फ़ोन ठोक दिया तो पुलिस को आना ही पड़ा.

लेकिन ये मत सोचना कि पुलिस उसके मम्मी पापा को गिरफ्तार करने आई थी. नहीं, बल्कि पुलिस अधिकारियों ने तय किया कि इस बच्चे के पास जाना चाहिए और उसे ये समझाना चाहिए कि 911 का इस्तेमाल कब करना चाहिए और कब नहीं. उसे ये बताना जरूरी है कि सलाद के प्रति उसकी नापसंदगी इमरजेंसी सेवाओं के अंतर्गत नहीं आती.

दरअसल विकसित देशों में आपात नंबर का दुरूपयोग भी एक समस्या है. बच्चों की तो छोडिये, बड़े भी ऐसी ऐसी समस्याओं के लिए फ़ोन कर देते हैं कि पुलिस भी माथा पकड़कर रह जाती है. जैसे कि एक बार एक आदमी ने फोन कर कहा कि उसे तत्काल मदद की जरूरत है क्योंकि उसका बच्चा बाल कटवाने नहीं जा रहा है. इसी तरह एक आदमी ने एक बार मदद मांगी थी क्योंकि उसका टीवी रिमोट नहीं मिल रहा था. हद है !!

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