Home Life & Culture प्रिंसिपल ने जेब से ढाई लाख देकर बनवाया बच्चों के लिए फुटओवर...

प्रिंसिपल ने जेब से ढाई लाख देकर बनवाया बच्चों के लिए फुटओवर ब्रिज, 69 साल से सड़क के दोनों ओर चल रहा था स्कूल

0

इन प्रिंसिपल साहब ने अपने स्कूल के बच्चों के लिए जो किया है उसे जानकर आपका दिल इनके प्रति श्रद्धा भाव से भर जाएगा. इस रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में सोलन से करीब दो घंटे दूरी पर भूमति गाँव है. इस गाँव में एक स्कूल है जो सड़क के दोनों ओर है. सड़क के एक तरफ कक्षाएं लगती हैं तो दूसरे तरफ मल्टीमीडिया सेंटर, लैब और खेल का मैदान है.

school-foot-over-bridge

ऐसे में अक्सर बच्चों को स्पोर्ट्स प्रैक्टिस या प्रैक्टिकल इत्यादि गतिविधियों के लिए स्कूल के एक भाग से दूसरे भाग में जाना स्वाभाविक था और इसके लिए उन्हें अब तक सड़क पार करके जाना पड़ता था.

1947 में खुले इस स्कूल के बीच से होकर शिमला की ओर जाने वाली इस सड़क पर वाहनों की काफी आवाजाही रहती है. कई बार बच्चे गाड़ियों की चपेट में आकर चोटिल हो चुके थे लेकिन उनके पास दूसरा कोई चारा न था.

फिर इस स्कूल में एक प्रिंसिपल साहब आये जिनका नाम है भूपिंदर गुप्ता. मई २०१२ में गुप्ता जी अपनी जॉइनिंग के दूसरे ही दिन ऑफिस में बैठे थे कि अचानक बाहर शोर सा हुआ. कारण जानने के लिए बाहर भागे तो पता चला कि किसी वाहन ने स्कूल के बच्चे को टक्कर मार दी थी. बच्चे को अस्पताल भेजना पडा लेकिन उसी दिन प्रिंसिपल भूपिंदर गुप्ता ने तय कर लिया कि यहाँ फुटओवर ब्रिज बनवायेंगे.

school-foot-over-bridge-1

प्रिंसिपल साहब ने प्रयास शुरू किये. पंचायत गए, सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटे,  लेकिन बजट ज्यादा था इसलिए बात नहीं बनी. परन्तु प्रिंसिपल साहब ने हार नहीं मानी. उन्होंने ठान लिया था कि फुटओवर ब्रिज तो बन कर ही रहेगा.

आखिरकार उन्होंने अपने जीपीएफ से ढाई लाख रुपये निकाल कर ब्रिज के लिए रख दिए. फिर क्या था,  प्रेरणा पाकर गांववालों ने भी प्रयास शुरू किये और 4 लाख रुपये इकट्ठे कर लिए. बाकी 7 लाख सरकार ने दे दिए. और इस तरह चार साल की भागदौड़ के बाद आखिर फुटओवर ब्रिज बन ही गया.

स्कूल के बच्चों को अपने बच्चों की तरह समझने वाले इन प्रिंसिपल साहब के इस काम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ़ हो रही है. अब न सिर्फ स्कूल का पूरा स्टाफ बच्चों की सुरक्षा को लेकर निश्चिन्त हो गया है बल्कि गांववाले भी बेहद खुश हैं क्योंकि उनके बच्चे अब सड़क पार तो करते हैं, लेकिन फुटओवर ब्रिज से.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here