Home News आखिर वैज्ञानिकों ने भी माना कि रामसेतु कोरी कल्पना नहीं, हकीकत है

आखिर वैज्ञानिकों ने भी माना कि रामसेतु कोरी कल्पना नहीं, हकीकत है

0

रामायण में वर्णित रामसेतु के अस्तित्व पर अक्सर प्रश्नचिन्ह लगाए जाते रहे हैं. दुनिया में ज्यादातर लोग इसे एक प्राकृतिक संरचना मात्र मानते हैं तो वहीं भगवान राम में आस्था रखने वाले इस सेतु के निर्माण के पीछे श्रीराम और उनकी वानर सेना को मानते हैं.

लेकिन लगता है अब इस विवाद का अंत होने वाला है क्योंकि अमेरिका के Science चैनल से जुड़ी भूगर्भ वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों की एक टीम ने सैटेलाईट से प्राप्त चित्रों और सेतुस्थल पर प्राप्त बालू और पत्थरों के अध्ययन से निष्कर्ष निकाला है कि रामसेतु प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव निर्मित संरचना है.

अपने शो ‘व्हाट ऑन अर्थ’ में वैज्ञानिकों ने बताया है कि भारत में रामेश्वरम के पास स्थित पंबन द्वीप से श्रीलंका के मन्नार द्वीप तक लगभग 30 मील की दूरी तक पुल बनाए जाने के संकेत मिलते हैं जो कि मानव निर्मित हैं. यहाँ पत्थर भी पाए गए हैं जो उस स्थान के न होकर बाहर से लाये गए हैं.

टीम में शामिल एक पुरातत्वविद चेल्सी रोज के अनुसार ये पत्थर करीब 7 हजार साल पुराने हैं हालांकि जिस बलुई धरातल पर ये मौजूद हैं वह करीब 4000 साल पुराना है.

ट्विटर पर चैनल द्वारा इस शो का प्रोमो जारी किये जाने के बाद से ही इसे लाखों लोग देख चुके हैं और हजारों बार रिट्वीट कर चुके हैं. केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी ‘जय श्री राम’ के साथ इस ट्वीट की लिंक को पोस्ट किया है –

अब तक सैटेलाईट से प्राप्त इमेजरी के आधार पर इस स्थान पर पुल जैसी संरचना होने की बात कही जाती थी लेकिन वैज्ञानिक इसे उथला समुद्री क्षेत्र ही मानते थे. ये पहली बार हुआ है जब वैज्ञानिकों की किसी टीम ने इसे मानव निर्मित माना है.

मजेदार और रोचक वीडियो देखने के लिए हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here