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अपने गुरु के दिए 13 सिक्के आज भी संभाल कर रखे हुए हैं सचिन ने

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‘क्रिकेट के भगवान’ और ‘मास्टर ब्लास्टर’ जैसे नामों से जाने जाने वाले सचिन तेंदुलकर का आज जन्मदिन है. 24 अप्रैल 1973 को क्रिकेट का ये सूरज उदित हुआ था और फिर उसने ऐसी चमक बिखेरी कि उनके रिटायरमेंट के बाद भी उस चमक के आगे बाकी खिलाड़ी टिमटिमाते सितारे से नजर आते हैं.

वैसे सचिन के बारे में कहने को ऐसा कुछ भी नहीं जो कभी न कभी आपने न पढ़ा हो. वे भारत के एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके बारे में शायद सबसे ज्यादा लिखा गया है. खोज खोज कर, यहाँ तक कि सचिन के स्कूली दोस्तों के नाम भी उनके फैन्स को पता हैं. फिर भी आज उनके जन्मदिन पर हम उनके बारे में कुछ कम कही सुनी बातें खोजकर लाये हैं, पढ़िये और सचिन का जन्मदिन सेलिब्रेट कीजिये –

#1. बनना चाहते थे फ़ास्ट बॉलर

सचिन अपने क्रिकेट के शुरूआती दिनों में एक फ़ास्ट बॉलर बनना चाहते थे. इसके लिए वह चेन्नई में स्थित एमआरएफ फाउंडेशन भी गए पर पर सचिन के कद को देखते हुए वहा के मेंटर डेनिस लिली ने कहा कि तुम्हारी हाइट ज्यादा नहीं है इसलिए तुम बॉलर नहीं बैट्समैन बनो. फिर उसके बाद जो हुआ वो दुनिया ने देखा.

#2. पाकिस्तान की तरफ से खेले क्रिकेट

सचिन तेंदुलकर उस समय मात्र 13 साल के थे जब वे पाकिस्तान की तरफ से बतौर फील्डर के रूप में खेले. 1987 में मुंबई के ब्रैबार्न स्टेडियम में खेले गए इस अभ्यास मैच में उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से फील्डिंग की थी. दरअसल यह कोई अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं था और पाकिस्तान के कुछ खिलाड़ी इसमें भाग न लेते हुए होटल में आराम करने चले गए. तब इमरान खान ने CCI के कप्तान हेमंत केंकरे से कहा कि उन्हें फील्डिंग के लिए 2-3 लड़के चाहिए. सचिन वहीं खड़े थे. बोले – “मी जाऊँ क्या ?” और इससे पहले कि हेमंत कुछ कह पाते वे दौड़कर मैदान में पहुँच गए.

#3 जब भेस बदल कर गए सचिन को उनके फैन्स ने पहचान लिया

एक बार का किस्सा है. सचिन 1995 में आयी फिल्म ‘रोजा’ देखने नकली दाढी मूंछ लगाकर सिनेमा घर गए तभी उनका चश्मा गिर गया. फिर क्या होना था उनके फैन्स ने उन्हें पहचान लिया और उनकी इतनी भीड़ में शामत आ गयी.

#4. इकठ्ठे है 13 सिक्के

बचपन में जब सचिन दूसरे खिलाडियों के साथ अभ्यास करते थे तब उनके कोच रमाकांत आचरेकर स्टंप पर एक सिक्का रख देते थे और साथी खिलाडियों से कहते कि सचिन को बॉल करे और जो उन्हें आउट करेगा उसे वो सिक्का मिलेगा. और यदि सचिन को कोई आउट नहीं करेगा तो यह सिक्का सचिन का होगा. इस तरह सचिन के पास आज भी उस समय के 13 सिक्के है जो उन्होंने आज भी सम्भाल कर रखे हुये है.

#5. थर्ड अम्पायर के द्वारा आउट होने वाले पहले खिलाड़ी

आपको शायद न पता हो कि क्रिकेट में थर्ड अंपायर का नियम आने के बाद उसके पहले शिकार और कोई नहीं बल्कि सचिन तेंदुलकर थे. 1992 में डरबन टेस्ट के दूसरे दिन सचिन जोंटी रोडस के थ्रो पर आउट हुए जिसका फैसला थर्ड अम्पायर द्वारा रीप्ले देखकर लिया गया था. इस प्रकार वह थर्ड अम्पायर के द्वारा आउट दिए जाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने.

#6. छोटा बाबू

सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली को ” बाबू मोशाय ” जबकि सौरभ सचिन को ” छोटा बाबू ” कह कर पुकरते है.

#7. लेफ्ट हेंडर

दुनिया जानती है कि सचिन एक राईट हैण्ड बैट्समैन और बॉलर हैं लेकिन आपको शायद पता नहीं होगा कि भले ही वे  बल्लेबाजी और गेंदबाजी र्सीधे हाथ से करते है पर वह लिखते उल्टे हाथ से है और टेनिस भी उल्टे हाथ से खेलते है.

(All images are curated from Google)

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