दो साल पहले मात्र 12 डॉलर में एक भारतीय युवा ने Google...

दो साल पहले मात्र 12 डॉलर में एक भारतीय युवा ने Google को खरीद लिया था

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Google का मालिक बनना वो सुन्दर ख्वाब है जिसे पूरा करना शायद ही किसी के बस में हो क्योंकि आज की तारीख में गूगल इतना बड़ा ब्रांड है ही जिसके आगे दुनिया के बहुत से देश भी कहीं नहीं ठहरते. लेकिन यदि हम आपसे कहें 2015 में संयोगवश एक भारतीय युवक सचमुच गूगल का मालिक बन गया था तो शायद आप विश्वास नहीं करेंगे. लेकिन ये सच है, हालांकि उसका ये मालिकाना हक़ मात्र कुछ मिनट ही चला.

बात 29 सितम्बर 2015 की है. सन्मय वेद नामक एक युवक रात 1 बजे के आसपास जाग रहा था. नींद नहीं आ रही थी सो उसने गूगल domains (गूगल की एक सेवा, जिस पर वेबसाइट डोमेन नेम बेचे जाते हैं) की साइट खोल ली और उस पर डोमेन सर्च करने लगा.

सर्च करने वाले बॉक्स में उसने बस यूँ ही, Google.com टाइप करके एंटर दबा दिया. उसके आश्चर्य  का ठिकाना नहीं रहा जब उसने अपनी स्क्रीन पर लिखा देखा कि – “Google.com is available for sale”. और कीमत लिखी थी मात्र 12 डॉलर. दरअसल किसी भी वेबसाइट के डोमेन को हर साल renew कराना होता है और गूगल ने उसे अभी तक नहीं कराया था.

सन्मय ने सोचा जरूर गूगल domains की साइट ने ये त्रुटिवश दिखाया है, फिर भी उसने चेक करने के लिए buy पर क्लिक किया और आश्चर्य की बात कि Google.com उसकी शॉपिंग कार्ट में आ गया और पेमेंट का आप्शन दिखाई देने लगा. हैरान सन्मय ने पेमेंट की प्रक्रिया की और देखते ही देखते सफलतापूर्वक उसके क्रेडिट कार्ड से 12 डॉलर कट भी गए. अब Google.com उसका अपना डोमेन बन चुका था. उसके पास बाकायदा इसकी ईमेल भी आ गई.

लेकिन उसका Google पर यह मालिकाना हक़ कुछ मिनट से अधिक नहीं चला. गूगल के दफ्तर में इंजीनियरों को इस गड़बड़ का फ़ौरन पता चल गया. अब चूंकि जिस गूगल domains से सन्मय ने यह परचेज की थी, वह भी गूगल की अपनी कंपनी है, इसलिए अगले मिनट ही उसका यह आर्डर कैंसिल हो गया.

इसके बाद गूगल की ओर से सन्मय वेद को लगभग 4 लाख रुपये इनाम की पेशकश की गई. लेकिन सन्मय ने पैसा लेने से इनकार करते हुए गूगल से कहा कि वह इस पैसे को चैरिटी के लिए देना चाहता है. यह पता चलने पर गूगल ने इनाम की राशि दोगुनी कर दी और वह पैसा चैरिटी के लिए दे दिया.

इस घटना का उल्लेख प्रमुख मीडिया वेबसाइटों के साथ Google ने अपनी ब्लॉग पोस्ट में भी किया था. सन्मय वेद, जो कि Google के कर्मचारी भी रह चुके हैं, ने भी LinkedIn पर इस पूरी घटना की जानकारी दी थी.

 

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