वो गायिका जो 50 साल पहले भी अपने गानों पर युवाओं को...

वो गायिका जो 50 साल पहले भी अपने गानों पर युवाओं को नाचने पर मजबूर कर देती थी

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आज शमशाद बेगम का जन्मदिन है. हिन्दी सिनेमा उद्योग की प्रारंभिक पार्श्वगायिका  के रूप पहचानी जाने वाली शमशाद बेगम एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी कलाकार थी. भारतीय सिनेमा जगत में 6000 से अधिक गाना गाने वाली शमशाद बेगम का जन्म 14 अप्रैल 1919 को अमृतसर पंजाब में हुआ था. इन्होने हिन्दी के अलावा मराठी, पंजाबी, तमिल, गुजराती व बंगाली में भी अपने गायन की झलक प्रस्तुत के है जिसे भारतीय सिनेमा जगत भूले से भी नहीं भूल सकता है.

कट्टरवादी मुस्लिम परिवार में जन्म लेने के वावजूद उन्होंने अपने से अलग धर्म वाले गनपत लाल से शादी की, जो कि हिन्दू समुदाय के थे. गनपत लाल एक वकील थे. शमशाद वेगम ने अपने सिंगिंग करिअर की शुरूआत 1947 में एक पेशेवर रेडिओ गायक के रूप में की. उन्हें जीवन का पहला कॉन्ट्रैक्ट 12 साल की उम्र में मिला था जिसमें उन्हें 12 गाने गाने थे. और फीस मिली थी साढ़े बारह रूपए.

उनके गाये गाने आज भी सुपरहिट हैं. वैसी आवाज फिर दुबारा सुनने को नहीं मिली. शमशाद बेगम को वर्ष 2009 में भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में पदम् विभूषण से सम्मानित किया गया था.

आइये आज हम आपको शमशाद बेगम द्वारा गए कुछ सदाबहार गीतों की झलक आप सभी को दिखाते है.

#1. छोड़ बाबुल का घर  ( बाबुल -1950 )

#2. होली आयी रे कन्हैया ( मदर इंडिया – 1957 )

#3. मेरे पिया गए रंगून ( पतंगा – 1949 )

#4. कही पे निगाहे कही पे निशाना ( सी.आई.डी. – 1956 )

#5. धरती को आकाश पुकारे ( मेला – 1948 )

23 अप्रैल 2013 भारतीय सिनेमा उद्योग जगत की महान पार्श्वगायिका गायिका शमशाद बेगम का मुंबई महाराष्ट्र में निधन हो गया.

 

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