Sher - Shayri by famous Hindi - Urdu Poets
सितम हवा का अगर तेरे तन को रास नहीं ![]() |
उम्र जलवों में बसर हो ये जरूरी तो नहीं ![]() |
आग है, पानी है, मिट्टी है, हवा है मुझ में ![]() |
कल गए थे तुम जिसे बीमार-ए-हिजरां छोड़कर ![]() |
सितम हवा का अगर तेरे तन को रास नहीं ![]() |
उम्र जलवों में बसर हो ये जरूरी तो नहीं ![]() |
आग है, पानी है, मिट्टी है, हवा है मुझ में ![]() |
कल गए थे तुम जिसे बीमार-ए-हिजरां छोड़कर ![]() |