गीता पढ़ते ही साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति का रिश्तेदार बना सन्यासी

गीता पढ़ते ही साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति का रिश्तेदार बना सन्यासी

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दुनिया भर के धर्मग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण की वाणी मानी जाने वाली श्रीमदभगवतगीता का महत्त्वपूर्ण स्थान है. इसी गीता के उपदेशों ने साउथ अफ्रीका के एक बेहद हाई प्रोफाइल व्यक्ति के ऊपर ऐसा असर किया कि वह सबकुछ छोड़छाड़ कर सीधा भारत चला आया और ग्वालियर के पास शिवपुरी के एक शिवमंदिर में आकर सन्यासी बन गया.

इस बेहद हाई प्रोफाइल व्यक्ति का नाम है हास पाइस जुहून, जो साउथ अफ्रीका के निवासी हैं और वहां के राष्ट्रपति जैकब जूमा के रिश्तेदार हैं. जुहून हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी हैं, कई देशों में बैंकर के रूप में काम कर चुके हैं, यहाँ तक कि वर्ल्ड बैंक के भी डायरेक्टर रह चुके हैं.

शांति और अध्यात्म की खोज में जुहून ने दुनिया भर के धर्मग्रंथों का अध्ययन किया लेकिन उन्हें गीता और वेदों से असली ज्ञान का आभास हुआ. इसके बाद उन्होंने पत्नी से संन्यास लेने की इच्छा जताई जिन्होंने सहर्ष अनुमति दे दी.

फिर क्या था, जुहून ने भारत का रुख किया, 17 दिसंबर को शिवपुरी पहुंचे और भदैया कुंड के शिव मंदिर में जाकर बोले, मेरी मंजिल मिल गई.

पूरी तरह दीक्षा लेकर गेरुए वस्त्र धारण किये, बाल मुंडवाए और गृहस्थ जीवन का परित्याग कर दिया. इतना ही नहीं, पुराना नाम भी त्याग दिया और अब उनका नया नाम है – स्वामी सोहम.

हास पाइस जुहून यानी कि स्वामी सोहम, अब भारत में रहकर विश्व शान्ति के लिए काम करेंगे और दुनिया में शान्ति का सन्देश फैलायेंगे.

जय हो !


(Source : Bhaskar)

 

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