इस देश में पड़ गई कचरे की इतनी कमी कि दूसरे देशों...

इस देश में पड़ गई कचरे की इतनी कमी कि दूसरे देशों से आयात कर रहा है

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एक ओर जहां हमारे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है और कूड़े कचरे को निपटाने के प्रयास में सरकार के साथ-साथ जनता भी लगी है वहीं दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां कूड़े की कमी पड़ गई है और वह दूसरे देशों का कचरा अपने यहाँ आयात कर रहा है.

इस देश का नाम है स्वीडन. यहाँ कचरे की भारी कमी हो गई है और अब उसे दूसरे देशों से मंगाना पड़ रहा है. लेकिन कचरे की कमी हुई क्यों ? कचरे का ऐसा क्या उपयोग होता है यहाँ ? तो आपको बता दें कि स्वीडन में कचरे से बिजली बनाई जाती है. यहाँ कुल जरूरत की लगभग आधी बिजली कचरे से ही बन कर तैयार होती है.

अब हालात ये हैं कि देश में कचरा लगभग ख़त्म हो चला है और पॉवर प्लांट्स चलाये रखने के लिए कचरे की जरूरत है. इस कारण स्वीडन ने इंग्लैंड सहित कुछ अन्य यूरोपीय देशों से कचरा आयात करने हेतु संपर्क साधा है.

स्वीडन दुनिया के उन चुनिन्दा देशों में से एक है जहां जैविक ईंधन के इस्तेमाल पर भारी टैक्स चुकाना पड़ता है. यहाँ के लोग पर्यावरण और प्रकृति को लेकर इतने जागरूक हैं कि घरों का मात्र एक प्रतिशत कचरा ही बाहर फेंका जाता है. शेष कचरा रीसाइक्लिंग द्वारा ऊर्जा उत्पादन के काम में लाया जाता है.


(Source : Jagran)

 

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