Home प्रेरक कहानियाँ (Motivational Stories) दो दोस्त (Inspirational Story)

दो दोस्त (Inspirational Story)

0

दो दोस्त जंगल के रास्ते अपने गाँव की ओर जा रहे थे. रास्ते में किसी बात को लेकर उनमें विवाद हो गया और एक दोस्त ने दूसरे दोस्त को थप्पड़ मार दिया.

दूसरा दोस्त थप्पड़ खाने के बाद शांत रहा, पर उसने एक पेड़ की टहनी उठाई और वहीं मिट्टी पर लिख दिया –

“आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा …”

इसके बाद काफी देर तक वे दोनों खामोश एक दूसरे के साथ चलते रहे. चलते-चलते रास्ते में एक नदी मिली. पहला दोस्त तो तैर कर पार निकल गया पर थप्पड़ खाए हुए दोस्त को तैरना नहीं आता था. वह नदी की धार में बहने लगा.

पहले दोस्त ने जब यह देखा तो फ़ौरन नदी में कूद पडा और किसी तरह उसकी जान बचा ली.

दूसरा दोस्त जब चलने लायक हुआ तो उसने एक नुकीला पत्थर उठाया और एक पेड़ के तने पर लिखने लगा –

“आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मेरी जान बचाई …”

उसे ऐसा करते देख पहले दोस्त ने पूछा – “जब मैंने तुम्हें थप्पड़ मारा था तब तुमने मिट्टी पर लिखा था और अब कुरेद-कुरेद कर पेड़ पर लिख रहे हो … ऐसा क्यों ?”

दूसरे दोस्त ने जवाब दिया – “क्योंकि थप्पड़ मार कर तुमने मुझे जो तकलीफ दी थी उसे मैं अधिक समय तक याद नहीं रखना चाहता था इसीलिए मैंने मिट्टी पर लिखा ताकि हवा चले और वह लिखा हुआ मिट जाए पर मेरी जान बचाकर तुमने जो अच्छाई की है उसे मैं कभी भूलना नहीं चाहता इसीलिए पेड़ पर कुरेद-कुरेद कर लिख रहा हूँ …”

कहानी का सारांश ये है कि – “जब  कोई  तकलीफ  दे  तो  हमें  उसे अन्दर तक नहीं बैठाना चाहिए  ताकि  क्षमा  रुपी  हवाएं  मिट्टी पर लिखे की  तरह  उस तकलीफ को हमारे जेहन से बहा ले जाएं, लेकिन  जब  कोई  हमारे  लिए  कुछ  अच्छा  करे  तो उसे पेड़ पर लिखे की तरह इतनी गहराई से अपने मन में बसा लेना  चाहिए कि वो कभी हमारे जेहन से मिट ना सके .”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here